नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जीवनशैली और प्रोसेस्ड फूड पर निर्भरता ने देश के शहरी इलाकों में इंसुलिन रेजिस्टेंस के मामलों में भारी बढ़ोतरी की है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह एक ऐसी ‘साइलेंट’ स्थिति है जो बिना किसी बड़े शोर के शरीर को अंदर ही अंदर टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों की ओर धकेल देती है। जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन के प्रति सही प्रतिक्रिया देना बंद कर देती हैं, तो ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित होने लगता है। कैसे पहचानें? इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज इंसुलिन रेजिस्टेंस को शुरुआत में पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन शरीर कुछ खास संकेत जरूर देता है। पेट के आसपास जमा होने वाली जिद्दी चर्बी इसका सबसे बड़ा प्राथमिक लक्षण है। यदि आपका वेस्ट-टू-हिप रेशियो बढ़ रहा है, तो यह खतरे की घंटी है। इसके अलावा, गर्दन, बगल या कोहनियों के पीछे की त्वचा का गहरा (काला) और मखमली होना, जिसे मेडिकल भाषा में Acanthosis Nigricans कहते हैं, इंसुलिन रेजिस्टेंस का सीधा संकेत है। अत्यधिक थकान: भरपूर नींद के बाद भी दिन भर ऊर्जा की कमी महसूस होना। बार-बार भूख लगना: खाना खाने के तुरंत बाद फिर से मीठा या कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन करने की तीव्र इच्छा। यूरिनेशन और प्यास: सामान्य से अधिक बार पेशाब आना और लगातार गला सूखना। स्किन टैग्स: गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर छोटे-छोटे मस्सों का अचानक निकलना। विशेषज्ञ की राय: बचाव ही सबसे बड़ा समाधान है “इंसुलिन रेजिस्टेंस कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। यदि आप अपनी डाइट से रिफाइंड शुगर हटा दें और रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें, तो इस स्थिति को रिवर्स किया जा सकता है। देरी करने पर यह सीधे पेनक्रियाज पर दबाव डालता है।” — डॉ. राजेश शर्मा, सीनियर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट आम नागरिक क्या करें? अगला कदम अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से दो या तीन महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत HOMA-IR टेस्ट या Fasting Insulin लेवल की जांच करवाएं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में अब इसके लिए विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाए जा रहे हैं। अपनी डाइट में फाइबर युक्त भोजन शामिल करें और रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतर रखें। स्थानीय प्रशासन भी पार्कों और ओपन जिम के जरिए नागरिकों को शारीरिक सक्रियता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। Post Views: 132 Please Share With Your Friends Also Post navigation काला जामुन : गुठली से लेकर पत्ते तक हैं फायदेमंद सोने से 3 घंटे पहले कुछ भी खाना करें बंद, स्टडी में दावा, ये बीमारियां रहेंगी कंट्रोल