धमतरी। रेत माफियाओं की भूख अब इस कदर बढ़ गई है कि उन्होंने महानदी की छाती तो पहले ही चीर दी थी, अब वे श्मशान घाट को भी नहीं छोड़ रहे हैं. मामला धमतरी के खरेंगा गांव का है, यहाँ रेत के अवैध उत्खनन के लिए माफियाओं ने मशीनों और ट्रैक्टरों से इतने गहरे गड्ढे कर दिए कि नदी किनारे बने श्मशान घाट की मिट्टी धंस गई. नतीजा ये हुआ कि जमीन के अंदर दफन शव बाहर आ गए हैरानी की बात ये है कि अब तक वहां से करीब 10 मानव कंकाल और शव बाहर निकल चुके हैं. इस दृश्य को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. गांव वालों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन ने न केवल पर्यावरण को तबाह किया है, बल्कि आस्था और मर्यादाओं पर भी चोट पहुंचाई है. अब सवाल उठता है खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर जब तक मामला मीडिया की सुर्खियों में नहीं आया. विभाग कुंभकर्णी नींद सोता रहा. दबाव बढ़ा तो लीपापोती शुरू हुई. महज पांच ट्रैक्टर जब्त कर इतिश्री कर ली गई. सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या सिर्फ ट्रैक्टर जब्त करना ही कार्रवाई है. रेत माफियाओं और चालक के खिलाफ अब तक FIR क्यों नहीं दर्ज की गई? मौके से चालक फरार हैं, लेकिन सवाल ये है कि क्या प्रशासन माफियाओं तक पहुंच पाएगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा. रेत से निकलती इन लाशों की तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि माफियाओं का खौफ किस कदर बढ़ गया है. अब लोग इंतजार कर रहे हैं कि धमतरी का प्रशासन कब जागेगा और कब इन माफियाओं पर सख्त कानूनी चाबुक चलाएगा. Post Views: 21 Please Share With Your Friends Also Post navigation बंद दुकान के भीतर मिला ऑटो चालक का शव, हत्या या हादसा? पुलिस जांच में जुटी