पेंड्रा। जिले में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने 1.19 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध भुगतान के मामले में 8 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पेंड्रा पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह मामला 15वें वित्त आयोग के तहत मिली राशि के उपयोग से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संबंधित पंचायत सचिवों ने निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन किए बिना ही विभिन्न वेन्डरों को भुगतान कर दिया। यह भुगतान न केवल संदिग्ध पाया गया, बल्कि इसमें पंचायत सेवा आचरण नियमों का भी स्पष्ट उल्लंघन सामने आया। जांच में जिन पंचायतों के सचिवों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, उनमें तेन्दुमुढ़ा, नेवरी नवापारा, ठाड़पथरा, आमाडोब, पूटा, आमगांव, साल्हेघोरी और हर्राटोला पंचायत शामिल हैं। इन सभी पंचायतों के सचिवों को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान दस्तावेजों की जांच, भुगतान की प्रक्रिया और कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि कई मामलों में बिना उचित स्वीकृति और नियमों के विपरीत भुगतान किए गए हैं। जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार होना चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में प्रशासन ने विस्तृत जांच के भी निर्देश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अनियमितता का दायरा कितना बड़ा है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में अफसरों और कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। कई अन्य पंचायतों में भी अब वित्तीय लेन-देन की समीक्षा शुरू कर दी गई है। Post Views: 16 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG Weather Update : कहीं बारिश तो कहीं गर्मी, जानें कैसा रहेगा आगे का मौसम…