नई दिल्ली। एक इंटेंस और हार्ड वर्कआउट के बाद शॉवर लेने से शरीर और दिमाग दोनों रिलैक्स होते हैं। वर्कआउट के बाद शरीर पर पानी के पड़ते ही मांसपेशियों का तनाव कम होने लगता है और पूरे शरीर में ताजगी महसूस होती है।

पोस्ट वर्कआउट शॉवर लेना न केवल साफ-सफाई से संबंधित है बल्कि इसके वैज्ञानिक फायदे भी हैं। एक्सरसाइज के बाद नहाना शरीर, त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य तीनों के लिए फायदेमंद माना जाता है।
कड़ी एक्सरसाइज के दौरान शरीर में एंडॉर्फिन हार्मोन रिलीज होते हैं, जो मूड को बेहतर बनाते हैं। इसके बाद गुनगुने पानी से नहाने पर मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर रिकवरी मोड में आ जाता है।

फिटनेस एक्सपर्ट के अनुसार, वर्कआउट के दौरान शरीर का तापमान और हार्ट रेट बढ़ जाता है। ऐसे में शॉवर नर्वस सिस्टम को शांत करने और शरीर को सामान्य स्थिति में लाने में मदद करता है। उनके मुताबिक, सुबह ठंडे पानी से नहाना शरीर को एक्टिव करता है, जबकि वर्कआउट के बाद गुनगुने पानी से नहाने से मांसपेशियों को आराम मिलता है।

त्वचा रहती है साफ और हेल्दी
वर्कआउट के दौरान पसीने के साथ त्वचा पर तेल, धूल और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। अगर इन्हें साफ न किया जाए तो पिंपल्स, रैशेज और स्किन इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। शॉवर लेने से त्वचा साफ होती है।एक्सरसाइज के बाद ठंडे या नॉर्मल पानी से नहाने पर शरीर का तापमान कम होता है और त्वचा में ताजगी महसूस होती है।

ठंडा पानी या गर्म पानी
सोशल मीडिया पर आइस बाथ का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है, लेकिन हर स्थिति में यह सही नहीं होता। भारी वेट ट्रेनिंग के बाद बहुत ठंडा पानी मांसपेशियों में बढ़े हुए ब्लड फ्लो को कुछ समय के लिए कम कर सकता है, जिससे रिकवरी प्रभावित हो सकती है।

ऐसे में गुनगुने पानी से नहाना अधिक आरामदायक माना जाता है। हालांकि, बहुत ज्यादा गर्म पानी से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है और स्किन ड्राई हो जाती है।

मानसिक तनाव भी होता है कम
वर्कआउट के बाद शॉवर सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि दिमाग को भी आराम देता है। गुनगुना पानी, स्टीम और बॉडी वॉश की खुशबू से तनाव कम होता है और मूड बेहतर होता है। इससे नींद अच्छी आती है, जिससे रिकवरी बेहतर होती है।

शरीर को मिलता है नया एहसास
वर्कआउट के बाद शरीर गर्म और थका हुआ होता है। ऐसे में शॉवर लेने से न केवल पसीना साफ होता है, बल्कि शरीर और मन दोनों फ्रेश महसूस करते हैं। इसे नियमित करने से शरीर इसका आदि हो जाता है और समय होने पर ब्रेन रिलैक्स मोड में चला जाता है।

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By Chhattisgarh Kranti

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