अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के चर्चित और बेहद संवेदनशील झीरम घाटी हत्याकांड मामले में आज एक बड़ा दिन है। जगदलपुर की विशेष एनआईए (NIA) अदालत आज इस मामले में दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों की सजा पर अपना अंतिम फैसला सुनाने जा रही है। इस अहम फैसले से ठीक पहले, सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच और अदालती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंबिकापुर में आयोजित एक तीन दिवसीय कांग्रेस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा के दौरान अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। एनआईए की जांच पर उठाए गंभीर सवाल भूपेश बघेल ने साफ तौर पर कहा कि अदालत का फैसला अपनी जगह है, लेकिन इस भयानक राजनीतिक नरसंहार के पीड़ित परिवारों को अभी तक सच्चा न्याय नहीं मिला है। उन्होंने एनआईए (NIA) की निष्पक्षता और जांच के तरीकों पर उंगली उठाते हुए निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए: मुख्य साजिशकर्ताओं को बचाया गया: बघेल ने आरोप लगाया कि एनआईए ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच नहीं की है। जिन चेहरों को मुख्य साजिशकर्ता मानकर कानून के शिकंजे में लिया जाना चाहिए था, उन्हें एजेंसी ने छुआ तक नहीं। चश्मदीद गवाहों की अनदेखी: उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले की पड़ताल के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण चश्मदीद गवाहों से पूछताछ करने की जहमत तक नहीं उठाई, जिससे मामले के कई अहम पहलू दबे रह गए। दोषियों का कद छोटा: बघेल के अनुसार, सिर्फ 10 निचले स्तर के नक्सलियों को सजा देने से इस ‘दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक नरसंहार’ का न्याय पूरा नहीं हो जाता, क्योंकि इसके पीछे की बड़ी राजनीतिक साजिश को बेनकाब ही नहीं किया गया। क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ के काफिले पर एक भीषण और आत्मघाती हमला किया था। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और सुरक्षाकर्मियों सहित कुल 29 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। करीब 13 साल चले लंबे इंतजार और 101 गवाहों के बयानों के बाद, विशेष अदालत ने बीते 5 सितंबर को 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था, जिनकी सजा का ऐलान आज होना तय है। हालांकि, सजा के ऐलान के पहले भूपेश बघेल के इन बयानों ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सियासत में झीरम मामले की अधूरी जांच की बहस को गर्मा दिया है। Post Views: 5 Please Share With Your Friends Also Post navigation छात्रा की खुदकुशी पर भारी बवाल! NSUI नेता पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, ABVP ने किया थाने का घेराव