नई दिल्ली। गूगल ने क्रोम ब्राउजर के लिए नया सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है, जिसमें कुल 12 खामियों को ठीक किया गया है. इनमें एक हाई-सीवियरिटी जीरो-डे खामी ऐसी है, जिसका वास्तविक साइबर हमलों में इस्तेमाल किया जा रहा है. यह खामी क्रोम के वी8 जावास्क्रिप्ट इंजन से जुड़ी है और इसका फायदा उठाकर रिमोट अटैकर तैयार किए गए एचटीएमएल पेज के जरिए मनमाना कोड चला सकता है. गूगल ने विंडोज, मैक और लिनक्स के लिए नया क्रोम वर्जन जारी किया है. एक जीरो-डे का हो रहा इस्तेमाल नए अपडेट में फिक्स की गई 12 खामियों में सीवीई-2026-85046 सबसे अहम है. यह वी8 में टाइप कन्फ्यूजन से जुड़ी हाई-सीवियरिटी खामी है, जिसे सिक्योरिटी रिसर्चर साल्वाटोर गुलिजिया ने खोजा था. गूगल के मुताबिक, इस खामी का वास्तविक हमलों में सक्रिय रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके लिए रिसर्चर को 1,000 डॉलर का इनाम दिया गया. गूगल ने हमलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की है, ताकि ज्यादातर ब्राउजर सुरक्षित होने तक इसका गलत इस्तेमाल न हो सके. तैयार एचटीएमएल पेज से हो सकता है हमला नेशनल वल्नरेबिलिटी डेटाबेस के मुताबिक, सीवीई-2026-85046 वी8 में टाइप कन्फ्यूजन की समस्या है. इसका फायदा उठाकर रिमोट अटैकर एक तैयार किए गए एचटीएमएल पेज के जरिए सैंडबॉक्स के अंदर मनमाना कोड चला सकता है. वी8 क्रोम का जावास्क्रिप्ट इंजन है, जो वेब ऐप और इंटरैक्टिव वेबसाइट्स को ब्राउजर में चलाने में मदद करता है. गूगल के इस अपडेट में ज्यादातर खामियों को हाई सीवियरिटी कैटेगरी में रखा गया है. क्रोम ही नहीं, दूसरे ब्राउजर भी करें अपडेट गूगल के मुताबिक, यह 2026 में क्रोम के लिए फिक्स किया गया छठा जीरो-डे है. यह समस्या क्रोमियम पर आधारित दूसरे ब्राउजर को भी प्रभावित करती है. ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट एज, ब्रेव, ओपेरा और विवाल्डी इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को भी अपने ब्राउजर का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल करने की सलाह दी गई है. क्रोम में अपडेट चेक करने के लिए ऊपर दाईं ओर दिए तीन डॉट पर क्लिक करके हेल्प और फिर अबाउट गूगल क्रोम में जाना होगा. यहां ब्राउजर का मौजूदा वर्जन नंबर दिखाई देगा. Post Views: 6 Please Share With Your Friends Also Post navigation कृति सेनन के रक्षाबंधन एड पर विवाद:रिवीलिंग ड्रेस पहनकर राखी बांधने पर ट्रोल हुईं; भारतीय संस्कृति के अपमान का आरोप