बीजापुर। जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र में ग्रामीणों की सूझबूझ और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। जंगल में पुटू (मशरूम) एकत्र करने गए ग्रामीणों को जमीन पर संदिग्ध तार दिखाई दिया। किसी अनहोनी की आशंका होने पर ग्रामीणों ने तार को छूने के बजाय तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, जहां जांच के दौरान पुराना प्रेशर बियर बॉटल IED मिला। बम निरोधक दस्ते ने इसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, माओवादियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस प्रेशर IED को जंगल में प्लांट किया था। समय रहते ग्रामीणों की नजर संदिग्ध तार पर पड़ने और तत्काल सूचना देने के कारण संभावित हादसे को रोक लिया गया। मशरूम लेने जंगल गए थे ग्रामीण जानकारी के अनुसार, मद्देड़ थाना क्षेत्र के ग्राम बंदेपारा और पेगड़ापल्ली के कुछ ग्रामीण स्थानीय जंगल में पुटू यानी मशरूम एकत्र करने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान उनकी नजर जमीन पर बिछे एक संदिग्ध तार पर पड़ी। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्रामीणों को तार के IED से जुड़े होने का संदेह हुआ। ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए संदिग्ध तार या उसके आसपास मौजूद किसी वस्तु को हाथ नहीं लगाया। वे उससे सुरक्षित दूरी पर चले गए और इसकी सूचना तत्काल पुलिस और सुरक्षा बलों को दी। ग्रामीणों की यही सतर्कता बाद में एक बड़े खतरे को टालने में महत्वपूर्ण साबित हुई।

सूचना मिलते ही पहुंची संयुक्त टीम सूचना मिलने के बाद मद्देड़ थाना पुलिस, सीआरपीएफ की 22वीं वाहिनी की ‘A’ कंपनी और बम निरोधक दस्ते की संयुक्त टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर पहले पूरे इलाके को सुरक्षित किया और इसके बाद संदिग्ध स्थान की तकनीकी जांच शुरू की। जांच में जमीन पर प्लांट किया गया प्रेशर बियर बॉटल IED मिला। बम निरोधक दस्ते ने सावधानीपूर्वक इसे जमीन से बाहर निकाला। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए IED को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद आसपास के क्षेत्र की भी जांच की गई। संयुक्त टीम में मद्देड़ थाने के सहायक उपनिरीक्षक सुरेश जब्बा, सीआरपीएफ 22वीं वाहिनी ‘A’ कंपनी संगमपल्ली के सहायक कमांडेंट मनोज कुमार और BDS टीम शामिल रही।

सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की थी साजिश

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पुराना प्रेशर IED था, जिसे माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से लगाया गया था। इस तरह के IED संपर्क या दबाव में आने पर खतरनाक साबित हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा बिना छेड़छाड़ किए इसकी सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण रहा। पुलिस ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील घटना के बाद बीजापुर पुलिस ने नागरिकों और ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।

पुलिस ने कहा है कि जंगल, पगडंडी, खेत या सड़क किनारे संदिग्ध तार, गड्ढा, टिफिन, कंटेनर या कोई अज्ञात और लावारिस वस्तु दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न छुएं और उसके नजदीक जाने से बचें। ऐसी किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को देने की अपील की गई है। पुलिस ने कहा कि नागरिकों की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़े हादसे को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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By Chhattisgarh Kranti

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