ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों में से शुक्र ग्रह (Venus) को जीवन के समस्त भौतिक सुख-सुविधाओं, धन, ऐश्वर्य, सौंदर्य, प्रेम और वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है। यदि आपकी कुंडली में शुक्र मजबूत है, तो व्यक्ति को जीवन में कभी भी पैसों की तंगी या सुखों की कमी महसूस नहीं होती। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन के दौरान शुक्र ग्रह को भी बहुत आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है? ज्योतिष के अनुसार, भगवान शिव शुक्रदेव के परम गुरु हैं। इसलिए सावन में शिव जी की पूजा के माध्यम से शुक्र ग्रह को बलवान बनाना अत्यंत शुभ और अचूक फल देने वाला माना जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सावन में कौन-कौन से उपाय करके आप शुक्र देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। सावन में शुक्र ग्रह और शिव जी का संबंध पौराणिक कथाओं के अनुसार, दैत्यगुरु शुक्रचार्य ने भगवान शिव की कठिन तपस्या करके ही ‘मृतसंजीवनी विद्या’ प्राप्त की थी। शिव जी को अपना गुरु मानने के कारण शुक्रदेव भगवान शिव के अत्यंत प्रिय हैं। सावन के महीने में जब आप शिव जी की पूजा करते हैं, तो शुक्र ग्रह स्वतः ही शुभ फल देना शुरू कर देते हैं। सावन में शुक्र देव को प्रसन्न करने के मुख्य उपाय (क) इत्र और दूध से शिवलिंग का अभिषेक उपाय: सावन के प्रत्येक शुक्रवार (या रोजाना) एक जलपात्र में शुद्ध जल लें। उसमें थोड़ा सा कच्चा दूध और 2-4 बूंदें चंदन या गुलाब का इत्र मिलाएं।विधि: इस जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए “ॐ नमः शिवाय” और “ॐ शुं शुक्राय नमः” का जाप करें।लाभ: ऐसा करने से कुंडली में शुक्र का प्रभाव मजबूत होता है, मानसिक शांति मिलती है और घर में धन का आगमन बढ़ता है। (ख) सफेद वस्तुओं का दान (शुक्रवार के दिन) शुक्र ग्रह का संबंध सफेद रंग और मीठे खाद्य पदार्थों से है।सावन के शुक्रवार को किसी गरीब, जरूरतमंद या कन्या को चावल, दूध, दही, मिश्री, सफेद मिठाई, कपूर या सफेद वस्त्र का दान करें।शुक्रवार को गाय को ताजी रोटी में थोड़ा सा दही और गुड़/मिश्री लगाकर खिलाने से शुक्र दोष शीघ्र समाप्त होता है। (ग) मां लक्ष्मी और शिव-पार्वती की संयुक्त उपासना सावन के हर शुक्रवार को भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ माता लक्ष्मी की पूजा करें।शुक्रवार की शाम को मां लक्ष्मी को चावल और मखाने की खीर का भोग लगाएं और बाद में इसे परिवार के सदस्यों में बांटें। (घ) शुक्र बीज मंत्र का जाप सावन के महीने में प्रतिदिन या विशेष रूप से शुक्रवार को स्फटिक की माला से 108 बार निम्नलिखित में से किसी एक मंत्र का जाप करें:मंत्र 1: “ॐ शुं शुक्राय नमः”मंत्र 2: “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” जीवनशैली में बदलाव से भी प्रसन्न होते हैं शुक्र केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि शुक्र देव को प्रसन्न करने के लिए अपनी दिनचर्या में भी कुछ सकारात्मक बदलाव आवश्यक हैं: साफ-सफाई और सुगंध: शुक्र ग्रह स्वच्छता के प्रतीक हैं। अपने शरीर, वस्त्रों और घर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। रोजाना हल्के इत्र या सेंट का प्रयोग करें। स्त्रियों का सम्मान: शुक्र ग्रह स्त्री तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। घर की महिलाओं (माता, पत्नी, बहन) और समाज की हर स्त्री का आदर करें। जिस घर में महिलाओं का सम्मान होता है, वहां शुक्र सदैव शुभ फल देते हैं। सफेद वस्त्र धारण करें: शुक्रवार के दिन पूजा करते समय सफेद या हल्के गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना बहुत शुभ माना जाता है। निष्कर्ष (Conclusion)यदि आप आर्थिक तंगी, कर्ज या वैवाहिक जीवन में अनबन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो सावन का महीना आपके लिए एक वरदान साबित हो सकता है। सावन के पावन दिनों में शिव जी की शरण में रहकर किए गए शुक्र ग्रह के उपाय जीवन से सभी कष्टों को मिटाकर सुख, समृद्धि और संपन्नता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। ( इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। इसे अपनी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार अपनाने से पूर्व ज्योतिषी परामर्श अवश्य लें।) आचार्य पं गिरीश पाण्डेयएस्ट्रोसेज पैनल मेंबरअमरैया पारा पिथौरामहासमुंद छत्तीसगढ़7000217167 Post Views: 8 Please Share With Your Friends Also Post navigation कलयुग के राजा राहु को ‘सावन’ में ऐसे करें खुश, रातों-रात बदलेगी किस्मत!