रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) रायपुर ने राज्य के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, आगामी अगले 4 दिनों तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की गंभीर आशंका जताई गई है, जिससे नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

सिनॉप्टिक सिस्टम का असर: क्यों बदला छत्तीसगढ़ का मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय एक मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चिन्हित निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा, मानसून की द्रोणिका (ट्रफ लाइन) उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बांग्लादेश तक जा रही है, जो झारखंड और पश्चिम बंगाल के रास्ते इस मौसमी तंत्र को और मजबूत कर रही है। यही कारण है कि अरब सागर से लेकर सिक्किम तक नम हवाओं का प्रवाह बना हुआ है, जिससे छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं।

इन 14 जिलों में बारिश की चेतावनी, रायपुर में छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग ने आज राज्य के प्रमुख हिस्सों के लिए बारिश की संभावना व्यक्त की है। प्रभावित होने वाले जिलों की सूची निम्नलिखित है:

रायपुर और दुर्ग संभाग: राजधानी रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, कबीरधाम।
बिलासपुर संभाग: बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
सरगुजा और बस्तर संभाग: कोरिया, जशपुर और कांकेर।
राजधानी रायपुर में आज, गुरुवार को दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। रायपुर में आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

पिछले 24 घंटों का हाल: पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान
बुधवार को छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान रायपुर में 32.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, इस मानसूनी बारिश के बावजूद चिंता की बात यह है कि राज्य में अब तक चालू सीजन की सब-डिविजनल मौसमी वर्षा सामान्य से 17 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

नागरिकों पर प्रभाव और आगामी कदम
अगले चार दिनों तक होने वाली इस लगातार बारिश से खेती-किसानी के कामों में तेजी आने की उम्मीद है, क्योंकि पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, उत्तर छत्तीसगढ़ के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासनों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। शहरी क्षेत्रों, विशेषकर बिलासपुर और रायपुर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिसके लिए नगर निगमों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग को भी आंधी-तूफान के दौरान लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क किया गया है।

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By Chhattisgarh Kranti

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