अंबिकापुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जीडी गोयनका हेल्थकेयर अकादमी, अंबिकापुर में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को समर्पित विविध रचनात्मक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत करना था। इस अवसर पर आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति संवर्धन एवं स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने अपनी आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से पृथ्वी एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा वायु प्रदूषण एवं जल प्रदूषण विषयों पर प्रस्तुतीकरण एवं चित्रकला के माध्यम से जागरूकता संदेश दिए गए। विद्यार्थियों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों एवं उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उनकी प्रस्तुतियाँ ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद रहीं। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों द्वारा ध्वनि प्रदूषण विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से अत्यधिक शोर के मानव स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों के उत्कृष्ट अभिनय ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम जीडी गोयनका हेल्थकेयर अकादमी के फ्रेंचाइजी पार्टनर एवं संकल्प हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अक्षय गोयल, संकल्प हॉस्पिटल के प्रशासक श्री राकेश कोठारी तथा अकादमी के सेंटर हेड श्री भूपेश देवांगन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अक्षय गोयल ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी नागरिकों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर हमारी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण हेतु सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा हरित एवं सतत भविष्य के निर्माण हेतु अपना योगदान देने का संकल्प लिया। Post Views: 11 Please Share With Your Friends Also Post navigation स्पीच थेरपिस्ट पर दुष्कर्म का आरोप, कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार 7 हजार की रिश्वत पड़ी भारी! सेवानिवृत्त बाबू को 3 साल की जेल, ACB ट्रैप केस में कोर्ट का बड़ा फैसला