नई दिल्ली। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सरकार को पत्र लिखा है और ये आश्वासन दिया है कि वो अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अनशन खत्म करने से पहले सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने शर्त रखी है। सोनम वांगचुक ने पत्र में लिखा, ‘मैं सरकार से सम्मानपूर्वक यह स्पष्ट आश्वासन चाहता हूं कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी को किसी दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। उनका एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज उठाना रहा है।’ सोनम ने आगे लिखा, ‘अगर ऐसा आश्वासन दिया जाता है, तो मैं इस भरोसे के साथ अपना अनशन खत्म करूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील सुनी है, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को भी समझा है।’ सोनम वांगचुक ने सरकार को लिखी चिट्ठी सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए चिट्ठी में लिखा, ‘कल रात अस्पताल में मुझसे मिलने और मेरा अनशन खत्म करने की आपकी अपील के लिए धन्यवाद। हमारी बातचीत के दौरान, आपने मुझे भरोसा दिलाया कि सरकार इन बातों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।’ परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देना। जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा, जिसमें माननीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल है। सोनम वांगचुक ने आगे लिखा, ‘पुलिस की ज्यादती और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के बावजूद 20 जुलाई 2026 का चलो संसद मार्च बहुत शांतिपूर्ण रहा। पूरे देश और दुनिया ने लोकतांत्रिक विरोध के प्रति उनके धैर्य और प्रतिबद्धता को देखा।’ वांगचुक ने आगे लिखा, ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में इस भरोसे को किसी भी कानूनी मामले, उत्पीड़न या इसमें शामिल लोगों के खिलाफ बदले की भावना से की गई कार्रवाई से कमजोर नहीं किया जाएगा।’ अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने रखी ये शर्त सोनम वांगचुक ने जे. पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को अनशन को लेकर अपने फैसले के बारे में आगे बताते हुए लिखा, ‘आपकी यात्रा के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने मुझे पत्र लिखा है। कुछ लोग पहले ही आ चुके हैं और बाकी के आज शाम तक आने की उम्मीद है। उन सभी ने मुझसे अपना अनशन खत्म करने का आग्रह किया है और याद दिलाया है कि मुझे अभी देश की सेवा में बहुत काम करना है।’ वांगचुक ने आगे लिखा, ‘मैं उनसे सहमत हूं। मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और उस काम में लौटना चाहता हूं, जिसने मेरे जीवन को एक पहचान दी है। लेकिन मैं उन युवाओं की कीमत पर ऐसा नहीं कर सकता जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।’ सोनम वांगचुक ने सरकार से अपील करते हुए लिखा, ‘मैं सरकार से सम्मानपूर्वक यह स्पष्ट आश्वासन चाहता हूं कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी को किसी दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़े।’ वांगचुक ने कहा, ‘अगर ऐसा आश्वासन दिया जाता है, तो मैं इस भरोसे के साथ अपना अनशन खत्म करूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील सुनी है, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को भी समझा है।’ बात नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन अनशन सोनम वांगचुक ने लिखा, ‘ऐसे आश्वासन के अभाव में, मैं अनिश्चित काल तक अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर हो जाऊंगा। मुझे यह भी उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस द्वारा और अधिक बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।’ वांगचुक ने अपनी बात पूरी करते हुए लिखा, ‘हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह उनसे कैसा व्यवहार करता है जो उससे सहमत हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि वह अपने युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है जब वे साहस, उम्मीद और दृढ़ विश्वास के साथ बोलने की हिम्मत करते हैं। हार्दिक सम्मान के साथ, सोनम वांगचुक।’ Post Views: 18 Please Share With Your Friends Also Post navigation NEET विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, सरकार के सामने रखीं 5 मांगें