महासमुंद। महासमुंद में करोड़ों रुपए के एलपीजी गैस घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों की हेराफेरी और कालाबाजारी के इस हाई-प्रोफाइल मामले ने प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मचा दी है।

पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसका पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित एक होटल में छिपे हुए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा डेटा के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक मामले में पहले ही जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव समेत चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि 24 दिसंबर 2025 को जब्त किए गए 6 एलपीजी कैप्सूल ट्रकों को सुरक्षा कारणों से खाद्य विभाग की मौजूदगी में 30 मार्च 2026 को ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स, उरला रायपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया था। 

लेकिन जांच के दौरान खुलासा हुआ कि 5 कैप्सूल ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस, जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपए बताई जा रही है, को आपराधिक षड्यंत्र के तहत गायब कर दिया गया। पुलिस ने इसे गबन, कूट रचना और कालाबाजारी का गंभीर मामला मानते हुए आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस की टीम ने रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर तक लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश की। आखिरकार कोल्हापुर के न्यू चालुक्य होटल से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने संतोष ठाकुर के कब्जे से नकद राशि भी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि पूरे गैस हेराफेरी नेटवर्क की जांच अभी जारी है और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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By Chhattisgarh Kranti

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