बिलासपुर। पुलिस की सख्ती के बाद भी छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा हैं। रायपुर के बाद अब बिलासपुर में पुलिस की टीम ने MDMA ड्रग्स की तस्करी करते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिलासपुर पुलिस की ACCU और चकरभाठा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में MDMA ड्रग्स की सप्लाई करने पहुंचे दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26 ग्राम MDMA ड्रग्स, एक कार जब्त किया है। बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 2 लाख 60 हजार रुपए बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक पूरा मामला चकरभाठा पुलिस थाना क्षेत्र का है। सिविल लाइन CSP निमितेश सिंह ने बताया कि चकरभाठा क्षेत्र में सूखे नशे के कारोबार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद चकरभाठा पुलिस और ACCU टीम को संदेहियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। मंगलवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम रहंगी के खोलीभाटा मैदान में एक संदिग्ध कार क्रमांक सीजी 28 एल 8130 खड़ी है। कार में सवार दो युवक किसी बड़े ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं और उनके पास भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ मौजूद है। सूचना मिलते ही मामले की जानकारी SSP रजनेश सिंह को दी गई। उनके मार्गदर्शन में ACCU और चकरभाठा पुलिस की टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी कार लेकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 26.05 ग्राम चमकीला नशीला पाउडर बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे MDMA ड्रग्स को ऊंची कीमत पर बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि चकरभाठा वार्ड नंबर-12 निवासी आरोपी चंद्रेश बलेचा ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता है। उसने अपने ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए पंजाब बॉर्डर के तस्करों से संपर्क कर ड्रग्स मंगाई थी। इसके बाद वह अपने साथी महेश वर्मा के साथ मिलकर इसे महंगे दामों में बेचने की तैयारी में था। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने कुछ लोगों से ड्रग्स का सौदा भी तय कर लिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बुधवार दोपहर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। Post Views: 14 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई, समर वेकेशन में वकीलों और पक्षकारों को कोर्ट आने की जरूरत नहीं, फ्यूल बचाने जज-अधिकारी करेंगे कार पूलिंग