रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रदेश में इन स्कूलों की स्थिति, नर्सरी कक्षाओं के संचालन और शिक्षकों की नियुक्ति व सेवा समाप्ति को लेकर सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। चरणदास महंत ने सदन में कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को लेकर अब कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से नर्सरी कक्षाओं के संचालन और वहां कार्यरत शिक्षकों की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि प्रदेश में कुल कितने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं और उनमें प्री-प्राइमरी या नर्सरी कक्षाओं को शुरू करने की स्वीकृति कब दी गई थी। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी पूछा कि इनमें से कितने विद्यालयों में प्री-प्रायमरी नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की कक्षाएं शुरू की गई थीं और वर्तमान में कितने विद्यालयों में ये कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इसके अलावा उन्होंने यह जानकारी भी मांगी कि नर्सरी कक्षाओं के संचालन के लिए किन-किन शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पदों पर कितने संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। चरणदास महंत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इन नर्सरी कक्षाओं में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवा से अलग किया गया है और यदि हां, तो कितने लोगों को नोटिस देकर हटाया गया है। इन सवालों के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सदन को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 403 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। राज्य सरकार ने सभी जिलों में प्री-प्रायमरी या नर्सरी कक्षाएं शुरू करने की स्वीकृति दी थी। मंत्री ने बताया कि राज्य के 14 जिलों के कुल 54 विद्यालयों में प्री-प्रायमरी नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं और फिलहाल ये सभी कक्षाएं चल रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों में पहले से बच्चों का दाखिला हो चुका है, वहां पढ़ाई जारी रहेगी, लेकिन नए शैक्षणिक सत्र से इन कक्षाओं में नए प्रवेश नहीं दिए जाएंगे। सदन में इस मुद्दे पर एक अन्य सवाल कांग्रेस विधायक कुंवर निषाद ने उठाया। उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से होती है और वहां आमतौर पर अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। लेकिन हाल ही में कुछ स्कूलों में हिंदी माध्यम से जुड़े प्राचार्यों की नियुक्ति कर दी गई है, जबकि पहले से अंग्रेजी माध्यम से जुड़े प्राचार्यों का स्थानांतरण कर दिया गया है। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि हाल ही में प्राचार्यों का प्रमोशन हुआ है और उसी के आधार पर उन्हें विभिन्न स्कूलों में पदस्थ किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विशेष मामले में कोई समस्या या विसंगति है, तो संबंधित विधायक उसे अलग से प्रस्तुत कर सकते हैं और उस पर विचार किया जाएगा। Post Views: 24 Please Share With Your Friends Also Post navigation आयुष्मान कार्ड को लेकर सदन में हंगामा, एक हफ्ते में समीक्षा का आश्वासन जिला अस्पताल में सनसनी, बर्न वार्ड में भर्ती युवती ने बाथरूम में लगाई फांसी