कलेक्टर का आदेश: शिक्षा सामग्री पर स्कूल का नाम प्रतिबंधित, प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य भोपाल। नए शिक्षा सत्र की तैयारियों के बीच भोपाल कलेक्टर ने प्राइवेट स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी स्कूल द्वारा विद्यार्थियों को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म या किताबें खरीदने के लिए बाध्य करना गैरकानूनी होगा। ऐसा करने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने आदेश दिया है कि प्रत्येक स्कूल अपनी कक्षाओं में इस्तेमाल होने वाली पाठ्यपुस्तकों और उनके प्रकाशकों की जानकारी 15 जनवरी तक ईमेल deobho-mp@nic.in पर अपलोड करें और इसकी हार्ड कॉपी डीईओ कार्यालय में भी जमा करें। प्रमुख निर्देश: शिक्षा सामग्री पर स्कूल का नाम प्रतिबंधित:स्कूलों द्वारा किसी भी प्रकार की किताब, यूनिफॉर्म, टाई, जूते या अन्य सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं किया जाएगा। स्वतंत्रता से खरीदारी:अभिभावकों को कहीं से भी यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने की छूट होगी। यूनिफॉर्म में बदलाव के नियम:यदि स्कूल यूनिफॉर्म में कोई परिवर्तन करता है, तो वह अगले तीन शैक्षणिक सत्रों तक अपरिवर्तित रहेगा। परिवहन सुविधा:स्कूल प्रबंधन को परिवहन विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता:स्कूलों को प्रवेश प्रक्रिया की तारीख और नियमों का प्रचार-प्रसार करना अनिवार्य है। कलेक्टर के इस कदम का उद्देश्य स्कूलों में पारदर्शिता और अभिभावकों पर आर्थिक दबाव को रोकना है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Post Views: 650 Please Share With Your Friends Also Post navigation पेड़ से टकराकर कार में लगी आग, एक की जिंदा जलने से मौत….