ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पारिवारिक संबंधों में धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने कुटुंब न्यायालय में पति से डाइवोर्स के लिए अपनी ननद को ही पति की दूसरी पत्नी बता दिया। स्थिति कुछ ऐसी बनी कि कोर्ट ने एक फोटो को आधार मानते हुए पति को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया और महिला को डाइवोर्स तक मिल गई। अब इस पूरे निर्णय को पति ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। 2015 से दोनों रहते थे अलगमिली जानकारी के अनुसार, 46 वर्षीय महिला की शादी वर्ष 1998 में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उसका पति मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था। इसी की वजह से दोनों के बीच विवाद बढ़ते गए और वर्ष 2015 से दोनों अलग रह रहे थे। महिला किसी भी कीमत पर पति से तलाक चाहती थी, जबकि पति इसके लिए तैयार नहीं था। सगी ननद को बताया पति की दूसरी पत्नीमहिला ने डाइवोर्स के लिए वर्ष 2021 में कुटुंब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद पत्नी ने अपने पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाया। साक्ष्य के तौर पर उसने एक फैमिली फोटो प्रस्तुत किया। इसमें पति अपनी बहन और अन्य रिश्तेदारों के साथ खड़ा था। महिला ने अपनी ननद को पति की दूसरी पत्नी बता दिया था। कोर्ट में पति का कहना था कि मुकदमा वर्ष 2021 में दर्ज हुआ। इस दौरान कोरोना महामारी भी थी, सुनवाई के दौरान उसकी मां का निधन हो गया था और वह पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त था। इसका फायदा उठाकर पत्नी ने कोर्ट से एकतरफा निर्णय करवा लिया। पति ने हाई कोर्ट में फैसले को दी चुनौतीइसी माह जब उसे इस डाइवोर्स की जानकारी मिली, जब उसने कोर्ट का रिकॉर्ड देखा तो पता चला कि जिस महिला को दूसरी पत्नी बताया गया था, वह उसकी सगी बहन थी। अब पति ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार यह मामला कोर्ट को गुमराह कर झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने का है, जिस पर जल्द सुनवाई होगी। Post Views: 12 Please Share With Your Friends Also Post navigation फिर बदला मौसम का मिजाज, प्रदेश के कई इलाकों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट