सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन जब यह अमावस्या ‘पुरुषोत्तम मास’ (अधिक मास) में आती है, तो इसका महत्व हजार गुना बढ़ जाता है। पुरुषोत्तम मास स्वयं भगवान श्री हरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है। ज्योतिष और पुराणों के अनुसार, पुरुषोत्तम अमावस्या के दिन किए गए कुछ खास उपाय न सिर्फ पितृ दोष से मुक्ति दिलाते हैं, बल्कि घर की दरिद्रता को जड़ से मिटाकर सुख-समृद्धि के द्वार खोलते हैं।यदि आप भी लंबे समय से आर्थिक तंगी, कर्ज या व्यापार में घाटे से परेशान हैं, तो इस पुरुषोत्तम अमावस्या पर नीचे दिए गए विशेष कार्य अवश्य करें: महालक्ष्मी और श्री हरि की संयुक्त आराधना पुरुषोत्तम मास के अधिपति भगवान विष्णु हैं और धन की देवी मां लक्ष्मी हैं। इस दिन दोनों की संयुक्त पूजा करने से ‘धन-लक्ष्मी योग’ बनता है।क्या करें: सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं। उन्हें पीले फूल, पीले फल और केसर युक्त साबूदाने या मखाने की खीर का भोग लगाएं।चमत्कारी पाठ: इस दिन ‘कनकधारा स्तोत्र’ या ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करने से घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है। पीपल वृक्ष के पास ‘दीपदान’ अमावस्या तिथि पर पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ-साथ पितरों का वास माना जाता है।क्या करें: सुबह के समय पीपल की जड़ में गंगाजल मिश्रित कच्चा दूध और जल अर्पित करें। इसके बाद शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी (चार मुख वाला) दीपक जलाएं।पेड़ की ७ बार परिक्रमा करते हुए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इससे कुंडली के पितृ दोष दूर होते हैं और धन के मार्ग में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं। महादान से मिटेगी दरिद्रता पुरुषोत्तम मास में किए गए दान का फल कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन अपनी सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को दान अवश्य दें।विशेष दान: इस मास में मालपुए, घी, अन्न (गेहूं, चावल), और वस्त्रों का दान महादान माना गया है। ऐसा करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है और घर में अन्न-धन के भंडार भरे रहते हैं। मुख्य द्वार पर करें यह काम, खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी घर का मुख्य द्वार ही वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी जी का आगमन होता है।क्या करें: अमावस्या की शाम को सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर घी या तिल के तेल के दीपक जलाएं। इसके साथ ही मुख्य द्वार पर कुमकुम या सिंदूर से ‘स्वस्तिक’ का चिह्न बनाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। बेजुबान जीवों की सेवा (अक्षय पुण्य की प्राप्ति) ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करने और अचानक धन लाभ के योग बनाने के लिए जीवों की सेवा सर्वोत्तम है।क्या करें: इस दिन चींटियों को शक्कर मिला हुआ भुना आटा (कसार) डालें। यदि आस-पास कोई तालाब या नदी हो, तो मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस उपाय से राहु-केतु और शनि के दोष शांत होते हैं।अचूक धन-प्राप्ति मंत्र (इस दिन अवश्य जपें)पुरुषोत्तम अमावस्या के दिन इस लक्ष्मी मंत्र का कम से कम १०८ बार (एक माला) जाप अवश्य करें:“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकम् दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि नमः” निष्कर्ष: पुरुषोत्तम अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग जीवन के अंधकार और अभाव को दूर करने का एक सुनहरा अवसर है। इस दिन पूरी श्रद्धा, सात्विकता और शुद्ध मन से किए गए ये उपाय आपके जीवन में समृद्धि की बौछार कर सकते हैं। Post Views: 12 Please Share With Your Friends Also Post navigation कलयुग का कुबेर: क्या राहु वाकई है ‘अकूत दौलत’ की गुप्त चाबी?