संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश, नौकरी से निकाले गए कर्मियों की होगी वापसी, हाईकोर्ट ने लगाई मुहर
नई दिल्ली : सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले संविदा कर्मचारी अपने नियमितीकरण को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। भले ही वो सरकारी दफ्तरों में काम करते हैं, लेकिन सुविधा को नाम पर उन्हें ज्यादा कुछ नहीं मिलता। इतना ही नहीं उनकी नौकरी भी पक्की नहीं रहती है। एक निश्चित समयावधि के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया जाता है। इस बीच अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जलकल विभाग के आउटसोर्सिंग संविदा पंप संचालकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी बड़ी सौगात दी है।
हाईकोर्ट ने कई संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश दिया है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जलकल विभाग के अंतर्गत तक पंप संचालकों की भर्ती संविदा आधार पर की गई थी। कुछ कारणवश 23 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद उन लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए भारत सरकार द्वारा बनाए गए जीईएम पोर्टल के माध्यम से नोएडा प्राधिकरण के जलकल विभाग के आउटसोर्सिंग संविदा पंप संचालकों के समान वेतन दिए जाने की मांग की थी।
कोर्ट ने एक के बाद एक दोनों पक्षों की दलीलें सुनी और उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास के प्रमुख सचिव को आदेश दिया कि वह कोर्ट की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के चार माह के भीतर याचिकाकर्ताओं की सेवाओं को उनके पद पर नियमित करने की प्रक्रिया पूरी करें। हाईकोर्ट ने 14 मई 2025 को यह भी आदेश दिया था कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अवैध रूप से समाप्त किए गए विभिन्न विभागों के 23 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं तीन माह के भीतर बहाल की जाएं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी की लहर है।