ज्योतिष में मंगल ग्रह को पराक्रम, शौर्य और भूमि भवन तथा भाई का कारक ग्रह माना जाता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह हैं। न्याय के ग्रह शनि की राशि मकर में मंगल उच्च के होते हैं। जबकि चंद्र की राशि कर्क में मंगल नीच के हो जाते हैं। नक्षत्रों में इन्हें मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। मंगल ग्रह कुंडली में यदि उच्च के हों या स्वराशि के, मित्र राशि के हों तो जातक स्वभाव से शौर्यवान, निडर, व जोखिम उठाने वाला होता है। युद्ध में विजय श्री प्राप्त करने वाला होता है।

कुंडली में नीच का, शत्रु घर में स्थित या कमजोर होकर के अशुभ स्थिति में बैठा हो तो जातक को जीवन में अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मंगल ग्रह की कुंडली में स्थिति के अनुसार मांगलिक दोष बनता है। मांगलिक दोष की स्थिति में जातक का विवाह विलंब से होता है या विवाह में अड़चनें आती हैं। पाराशर मतानुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में पहले, चौथे ,सातवें, आठवें और बारहवें घर में मंगल स्थित हो तो यह स्थिति जातक को मांगलिक बनाती है। इसके प्रभाव को जप, दान व्रत आदि उपायों से कम किया जा सकता है।

वर्तमान में मंगल अपनी नीच राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं। मंगल 7 जून को कर्क से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेंगे। सेनापति मंगल के सिंह राशि में गोचर से कुछ राशि के जातकों के लाइफ में पॉजिटिव चेंज देखने को मिल सकते हैं। मंगल का सिंह राशि में गोचर करना कुछ राशियों के लिए लाभदायक होगा। वह भाग्यशाली राशियां कौन सी होंगी आइए जानते हैं भागवत व्यास एस्ट्रोलॉजर पंडित गिरीश पाण्डेय से…

मेष राशि
मंगल महाराज का गोचर मेष राशि के लिए पांचवे भाव में हो रहा है। पंचम भाव में आने से मेष राशि के जातकों की जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलेंगे। मंगल मेष राशि के स्वामी भी हैं। मेष राशि के स्टूडेंट को मन- मुताबिक सफलता मिल सकती है।करियर की गाड़ी आगे बढ़ सकती है। लंबे समय से जिन योजनाओं पर काम कर रहे हैं उनको गति मिलेगी। मंगल महाराज का यह गोचर कार्य के प्रति आपको सक्रिय बनाएगा। लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें तो सफलता सुनिश्चित हो सकती है। पंचम भाव का प्रेम का है। प्रेम प्रसंग में सफलता प्राप्त होगी।

मिथुन राशि
मंगल महाराज का गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए तीसरे घर में हो रहा है। कुंडली का तीसरा घर मनुष्य के पराक्रम का, शौर्य का होता है। यहां मंगल के आने से आपके साहस में वृद्धि होगी। मंगल की दृष्टि चौथी सातवीं और आठवीं मानी गई है कर्म भाव में दृष्टि पढ़ने से करियर के क्षेत्र में आपको शानदार परिणाम मिलेंगे। भाई -बहनों से संबंध अच्छे रहेंगे। मंगल के इस गोचर के बाद आपके इरादे स्पष्ट हो जाएंगे। कार्य व्यापार में फोकस बना रहेगा।

तुला राशि
मंगल महाराज का गोचर तुला राशि के लिए 11वें घर में हो रहा है। 11वां घर आएगा लाभ का और उन्नति का माना गया है। मंगल के इस भाव में आने से आपके जीवन में प्रचुर धन का आगमन होगा। लंबे समय से जिस लाभ का आपके इंतजार था वह मिल सकता है। भाई बहनों से सहयोग मिलेगा। मंगल के गोचर से आपके काम करने की गति बढ़ेगी। रोजगार की दिशा में आपका किया गया प्रयास फलीभूत हो सकता है।

वृश्चिक राशि
मंगल महाराज का गोचर वृश्चिक राशि वालों जातकों के लिए दसवें घर में हो रहा है। इस घर में मंगल बली हो जाते हैं। मंगल का राशि परिवर्तन आपके लिए अति विशिष्ट होने वाला है। आपके कार्य- व्यापार में और कैरियर में मनचाहे फल प्राप्त होंगे। यदि आप प्रमोशन के लिए प्रयासरत थे तो प्रमोशन भी हो सकता है। भाग्य का साथ इस दौरान आपके मिलेगा। मंगल के गोचर के दौरान जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा मिलेगी।

मीन राशि
मंगल महाराज का गोचर मीन राशि के लिए छठे घर में हो रहा है। छठे घर को रोग ऋण शत्रु का है। मंगल के इस घर में आने से आप अपने विरोधियों पर विजय श्री प्राप्त करेंगे। आपके कार्य करने की क्षमता बढ़ेगी। बहुत लंबे समय से जो स्टूडेंट्स कंपीटीशन एग्जाम्स की तैयारी में लगे हुए थे उनके लिए सफलता का समय दस्तक दे रहा है। छठे घर में मंगल की गोचर करने से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना इस दौरान आपके लिए अति आवश्यक है।

⚛️ मंगल का गोचर आपके लिए मंगलमय हो⚛️

पं. गिरीश पाण्डेय
एस्ट्रो-गुरू, भागवत-व्यास
एस्ट्रो- सेज पैनल -मेंबर
सचिव पुरोहित मंच
ज़िला- महासमुन्द छ.ग.
संपर्क सूत्र – 7000217167
संकट मोचन मंदिर
मण्डी परिसर,पिथौरा

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(शुल्क -५०१/-)

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By Chhattisgarh Kranti

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