Vehicle Horns : अक्सर सफर के दौरान लोगों को ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। कहीं भीड़ लग नहीं की लोग जोर जोर से हॉर्न बजाने लगते हैं। कभी-कभी ये आवाजें लोगों में चिड़चिड़ाहट पैदा कर देती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हो गए हैं तो बता दें कि जल्द ही गाड़ियों के हार्न से ढोलक, तबले और बांसुरी की आवाज सुनाई दोगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, वह एक ऐसा कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत वाहनों के हॉर्न में केवल भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की ध्वनि का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

कानून बनाने की योजना बना रही सरकार

गडकरी ने बताया कि, भारत इस समय दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार है। 2014 में भारत का वाहन क्षेत्र का 14 लाख करोड़ रुपये का था, यह अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपए का हो गया है। इतना ही नहीं भारत, जापान को पीछे छोड़कर अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी ने दिल्ली में एक अखबार के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि, ”मैं एक ऐसा कानून बनाने की योजना बना रहा हूं कि सभी वाहनों के हॉर्न भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों पर आधारित हों, ताकि उन्हें सुनना सुखद हो। जैसे – बांसुरी, तबला, वायलिन, हारमोनियम।”

जैव ईंधन पर चलने वाले वाहनों को बढ़ावा दे रही सरकार

नितिन गडकरी ने कहा कि, देश में वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 40% है। नरेंद्र मोदी सरकार मेथनॉल, एथनॉल सहित हरित और जैव ईंधन पर चलने वाले वाहनों को बढ़ावा दे रही है। गडकरी ने कहा कि, भारत को दोपहिया वाहनों और कारों के निर्यात से अधिकतम राजस्व मिलता है।

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By Chhattisgarh Kranti

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