रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित मां शिवा प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद दुखद खबर सामने आई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दो श्रमिकों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रमोद सोनी और चौखट सिंह के रूप में हुई है। दोनों को बेहतर उपचार के लिए चार दिन पहले रायपुर रेफर किया गया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। गंभीर हालत में रायपुर किया गया था रेफर हादसे में कई श्रमिक झुलस गए थे। इनमें प्रमोद सोनी और चौखट सिंह की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल से रायपुर के एक विशेष अस्पताल में रेफर किया गया था। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। तीन श्रमिकों का इलाज जारी हादसे में घायल अन्य तीन श्रमिक गुड्डू कुमार, चतुर यादव और शनिराम राठिया का इलाज अभी भी ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। परिजनों में शोक की लहर दो श्रमिकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम छा गया। हादसे के बाद से परिजन लगातार अस्पताल में इलाज की जानकारी ले रहे थे, लेकिन दोनों की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। हादसे की जांच जारी प्रशासन और संबंधित विभाग मां शिवा प्लांट में हुए हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुआवजा और नौकरी की मांग घटना के बाद श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और घायल श्रमिकों के बेहतर इलाज की मांग की है। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Post Views: 6 Please Share With Your Friends Also Post navigation मुआवजा दिलाने के नाम पर रिश्वत का खेल! ACB ने कलेक्ट्रेट बाबू को रंगे हाथ दबोचा…