बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम पुराना खर्वे में फरवरी से मई 2026 के बीच हुई 8 संदिग्ध मौतों के पीछे एक ही शख्स का हाथ निकला। पुलिस ने गांव के ही रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के शक के चलते एक-एक कर 8 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के लिए वह शराब में ‘सुहागा’ नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर लोगों को पिलाता था। पहले कुत्ते पर किया जहर का ट्रायल, फिर शुरू हुआ मौत का सिलसिलाजांच में एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले जहरीले पदार्थ का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था। जब जहर का असर सफल रहा तो उसने इंसानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।बताया गया कि 6 फरवरी को पहली हत्या की गई थी। इसके बाद आरोपी लगातार अपने परिचितों और गांव के लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाता रहा। मौतों को इस तरह अंजाम दिया गया कि वे सामान्य बीमारी या अत्यधिक शराब सेवन से हुई लगें। पुलिस के मुताबिक आरोपी 8 लोगों की हत्या करने में सफल रहा। हालांकि कार्तिक नामक एक युवक को भी जहर मिली शराब पिलाई गई थी, लेकिन समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।इसी वजह से पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के अलावा हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज किया है। वर्तमान में उसके खिलाफ कुल 9 गंभीर अपराध दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत से खुला राजलगातार हो रही मौतों को लेकर गांव में संदेह का माहौल था। 6 जून को ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस को शिकायत देकर बताया कि फरवरी से मई के बीच हुई मौतें सामान्य नहीं लग रही हैं।ग्रामीणों ने सीधे तौर पर रामसहाय जायसवाल पर शक जताया। इसके बाद पुलिस ने विशेष जांच शुरू की और सभी मौतों की फाइलें दोबारा खोलीं। 7 शव कब्र से निकाले गएमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अदालत की अनुमति लेकर 7 मृतकों के शवों का उत्खनन (Exhumation) कराया और पोस्टमार्टम कराया। जबकि एक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था, इसलिए उसका परीक्षण अलग से किया गया।फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। चूहा मारने की दवा बताकर खरीदा था जहरजांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने गांव में “चूहा मारने की दवा” के नाम पर जहरीला पदार्थ खरीदा था। पुलिस को मिले साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के दबाव में आखिरकार आरोपी टूट गया और उसने हत्याओं की बात स्वीकार कर ली। अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था आरोपीपुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी का व्यवहार बेहद सामान्य था। वह जिन लोगों की हत्या करता था, उनके अंतिम संस्कार और शोक सभाओं में भी शामिल होता था।उसके चेहरे पर न कोई डर दिखता था और न ही कोई घबराहट। वह अन्य ग्रामीणों के साथ मृतकों के परिवारों को सांत्वना भी देता था। इसी वजह से लंबे समय तक किसी को उस पर शक नहीं हुआ। खुलासे के बाद गांव में आक्रोशजैसे ही पुलिस ने मामले का खुलासा किया, गांव में भारी आक्रोश फैल गया। आरोपी को जब पुलिस घटनास्थल पर लेकर पहुंची तो लोगों ने उसके खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और उसे खरी-खोटी सुनाई।यह मामला अब छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया है और आरोपी को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। Post Views: 4 Please Share With Your Friends Also Post navigation ट्रैक्टर जब्ती के बाद किसान ने खाया जहर, नायब तहसीलदार पर पैसे मांगने का आरोप, प्रशासन ने शुरु की जांच