बालोद। बालोद जिले में एक रिजॉर्ट से शुरू हुआ विवाद अब भाजपा की अंदरूनी राजनीति में बड़े भूचाल का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद भाजपा संगठन ने अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष असरार अहमद उर्फ गुड्डा को पद से हटा दिया है, वहीं मामले में नाम आने के बाद अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला ने खुद को साजिश का शिकार बताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। जानकारी के अनुसार टिकरापारा निवासी अब्दुल ताहिर ने अपनी पत्नी और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष असरार अहमद को एक रिजॉर्ट में साथ होने का दावा करते हुए वहां पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने दोनों का वीडियो भी बनाया, जो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही जिले की राजनीति गरमा गई और भाजपा संगठन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ने लगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए असरार अहमद को उनके पद से मुक्त कर दिया। संगठन की ओर से जारी आदेश में नैतिक आधार पर यह फैसला लिया जाना बताया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले में भाजपा की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विवाद में नया मोड़ तब आया जब प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला का नाम भी इस घटनाक्रम में सामने आने लगा। तिगाला ने डीजीपी और बालोद एसपी को पत्र सौंपकर दावा किया कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटना के समय वे रिजॉर्ट में मौजूद नहीं थे, बल्कि सूचना मिलने पर भाजपा नेता राजीव शर्मा के साथ केवल बीच-बचाव करने पहुंचे थे। तिगाला के मुताबिक उन्होंने मानवीय आधार पर वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन अब राजनीतिक विरोधी उन्हें निशाना बना रहे हैं। तिगाला ने इसे अपनी “राजनीतिक हत्या” की साजिश बताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उनके समर्थकों का कहना है कि जिले में बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के कारण कुछ नेता उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। इधर, मामले ने पारिवारिक विवाद का भी रूप ले लिया है। पति अब्दुल ताहिर ने अपनी पत्नी, जो कि एक प्रधान पाठिका बताई जा रही हैं, पर मानसिक प्रताड़ना और अवैध संबंधों के आरोप लगाए हैं। वहीं महिला ने भी पुलिस को शिकायत देकर पति पर छवि खराब करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि रिजॉर्ट में केवल बातचीत हो रही थी, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। अब पूरे मामले में पुलिस जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद केवल पारिवारिक कलह साबित होता है या फिर इसके पीछे बालोद भाजपा की अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी का कोई बड़ा खेल सामने आता है। Post Views: 21 Please Share With Your Friends Also Post navigation प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत! घर से गायब प्रेमी जोड़े की रेलवे ट्रैक पर मिली लाश…