अब पटाखा बेचना नहीं होगा आसान, लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य; पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगी मंजूरी रायपुर :- दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पटाखा कारोबारियों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं। इस बार स्थायी दुकान हो या अस्थायी स्टॉल, पटाखे बेचने के लिए व्यापारियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस पटाखे बेचते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन ने पटाखा लाइसेंस की प्रक्रिया को डिजिटल करते हुए दस्तावेजों की जांच और पुलिस वेरिफिकेशन पर विशेष जोर दिया है। नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने के साथ आधार कार्ड सहित जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाइसेंस जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा। पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, आपराधिक रिकॉर्ड की भी होगी जांच इस बार पटाखा लाइसेंस प्रक्रिया में पुलिस वेरिफिकेशन को महत्वपूर्ण बनाया गया है। आवेदकों के दस्तावेजों की जांच के साथ उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आपराधिक गतिविधियों या अवैध पटाखा बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। प्रशासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य पटाखों की बिक्री को नियंत्रित करना और त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है। पिछले वर्षों में घनी बस्तियों और रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति पटाखे बेचे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में इस बार दुकानों के स्थान और सुरक्षा संबंधी शर्तों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अब तक 100 से ज्यादा आवेदन, स्थायी दुकानों के लिए सिर्फ 14 आवेदन अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पटाखा लाइसेंस के लिए अब तक 100 से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें स्थायी लाइसेंस के लिए केवल 14 आवेदन शामिल हैं। फिलहाल प्राप्त आवेदनों के साथ जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की अधिकता, पुलिस वेरिफिकेशन और निर्धारित शर्तों के कारण व्यापारियों को आवेदन प्रक्रिया में पहले से ज्यादा औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं। इसका असर आवेदनों की संख्या पर भी पड़ सकता है। अस्थायी लाइसेंस के लिए 600 और स्थायी के लिए 1800 रुपये फीस पटाखा दुकान के लाइसेंस के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार बताया गया है: अस्थायी दुकान: 600 रुपये स्थायी दुकान: 1800 रुपये लाइसेंस शुल्क के अलावा आवेदकों को जरूरी दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी जमा करने होंगे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए बिना पटाखा बिक्री की अनुमति नहीं मिलेगी। ग्रीन पटाखों की बिक्री पर जोर पटाखा दुकानों में ग्रीन पटाखों और नियमानुसार बिक्री की अनुमति वाले पटाखों को ही बेचने की शर्त भी अहम है। नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हर साल दिवाली के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों और गलियों में अस्थायी रूप से पटाखों की दुकानें खुल जाती हैं। ऐसे में इस बार ऑनलाइन लाइसेंस, दस्तावेजों की जांच और पुलिस वेरिफिकेशन की व्यवस्था से अनधिकृत बिक्री पर अंकुश लगाने की चुनौती रहेगी। Post Views: 11 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG: नर्स बनकर दुल्हन का कांड: 53 साल में दुल्हा बनने की थी चाहत, मोबाइल पर शादी का विज्ञापन पढ़कर फर्जी नर्स पर लुटा दिए लाखों नवरात्रि पर छत्तीसगढ़ के इन किसानों को मिला बड़ा तोहफा, साय सरकार ने जारी किए 51.09 करोड़ का बोनस, जानिए खाते में आए कितने रुपए