जादू-टोने के शक में खूनी खेल! मां-बेटे की टंगिया से हत्या, बेटी पर भी जानलेवा हमला, एक ही परिवार के 3 आरोपी गिरफ्तार डोंगरगढ़:- डोंगरगढ़ के चौथना गांव में दोहरे हत्याकांड का खुलासा हो गया है। वारदात के बाद कपड़े और हथियार का बेंट जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूरा मामला राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां परिवार में बीमारी और जादू-टोने का शक ऐसा गहराया कि मामला खूनी वारदात तक पहुंच गया। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चौथना में एक महिला और उसके बेटे की हत्या कर दी गई, जबकि बेटी पर भी जानलेवा हमला किया गया। घर के भीतर हुए इस खौफनाक हमले में मां-बेटे की मौत हो गई और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पारिवारिक विवाद और जादू-टोने के संदेह की बात सामने आई। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत एक ही परिवार के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब 9 अक्टूबर को सुखी सोनकर अपने घर पहुंचा। वहां पत्नी कमला सोनकर और बेटा खुमेन्द्र सोनकर मृत अवस्था में मिले, जबकि बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल पड़ी थी। घर का यह मंजर देखकर पूरे गांव में सनसनी फैल गई। घायल ममता को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया और पुलिस को सूचना दी गई। डोंगरगढ़ पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीमें बनाई गईं। पुलिस ने घटना स्थल से मिले साक्ष्यों और संदिग्धों की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान घटना के बाद से फरार चल रहे हेमंत कुमार सोनकर पर पुलिस का संदेह गहराया। तलाश के बाद उसे 12 अक्टूबर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सोनू सोनकर और केशर सोनकर की भूमिका भी सामने आई। बीमारी को लेकर जादू-टोने का शक पुलिस की विवेचना के अनुसार, परिवार में विवाद के साथ सदस्यों की तबीयत खराब होने को लेकर जादू-टोना किए जाने का संदेह भी था। पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद और संदेह के बीच हेमंत कुमार सोनकर ने अपनी चाची कमला सोनकर और चचेरे भाई खुमेन्द्र सोनकर पर धारदार हथियार से हमला किया। चचेरी बहन ममता सोनकर पर भी हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हमले में कमला और खुमेन्द्र की जान चली गई। खूनी वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लोहे की टंगिया और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इसके अलावा, घटना के समय पहने गए कपड़ों और टंगिया के लकड़ी के बेंट को जलाकर नष्ट करने के प्रयास से जुड़े अवशेष भी मिले हैं।पुलिस ने साक्ष्य नष्ट करने और आरोपियों के बीच योजना से जुड़े तथ्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और 238 भी जोड़ी है। पुलिस ने मामले में हेमंत कुमार सोनकर (36), सोनू सोनकर (34) और केशर सोनकर (55), सभी निवासी ग्राम चौथना, को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस के अनुसार, संयुक्त टीमों ने संदिग्धों की पतासाजी, पूछताछ और साक्ष्य संकलन के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ीं। चौथना की इस वारदात ने एक परिवार को उजाड़ दिया। मां-बेटे की हत्या और बेटी पर जानलेवा हमले के पीछे पुलिस जांच में पारिवारिक विवाद और जादू-टोने का संदेह सामने आया है। फिलहाल मामले में आगे की विवेचना जारी है। Post Views: 8 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG: डीजे पर नाचने को लेकर युवक को उतारा मौत के घाट CG: GST विभाग में फेरबदल, 10 ज्वाइंट कमिश्नरों के तबादले