रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की मंगलवार को हुई सुनवाई में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा पारिवारिक विवाद सामने आया। एक मां ने आयोग के सामने शिकायत रखते हुए बताया कि उसका बेटा बिना शादी के एक महिला के साथ घर में रह रहा है। दोनों के बीच आए दिन होने वाले विवाद से परिवार में तनाव की स्थिति बनी रहती है।

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनी। इसके बाद विवाद को खत्म करने के लिए मां और बेटे के साथ रह रही महिला को अलग-अलग रहने की सलाह दी गई, ताकि दोनों पक्ष बिना टकराव के शांतिपूर्ण जीवन बिता सकें।

बेटे के लिव-इन रिलेशनशिप से परेशान थी मां

आवेदिका ने आयोग को बताया कि उसका बेटा एक महिला के साथ बिना विवाह के लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है। दोनों के बीच किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता है। इसका असर परिवार के माहौल पर भी पड़ रहा था।

सुनवाई के दौरान संबंधित महिला और आवेदिका का पक्ष भी सुना गया। आयोग ने मामले को आपसी विवाद के रूप में देखते हुए दोनों को अलग-अलग रहने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया।

महिला आयोग ने दी अलग रहने की सलाह

आयोग ने दोनों पक्षों को समझाइश देते हुए कहा कि विवाद को बढ़ाने के बजाय अलग-अलग रहकर अपनी जिंदगी शांतिपूर्वक चलाना बेहतर होगा। आयोग का उद्देश्य मामले में टकराव कम करना और संबंधित पक्षों को व्यावहारिक समाधान की ओर ले जाना रहा।

महिला आयोग में 34 प्रकरण रखे गए

मंगलवार को राज्य महिला आयोग के समक्ष महिला उत्पीड़न और पारिवारिक विवाद से संबंधित 34 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे। इनमें 23 मामलों की सुनवाई हुई, जबकि आठ प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया।

यह राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की प्रदेश स्तर पर पांचवीं सुनवाई थी। इस दौरान लिव-इन रिलेशनशिप के विवाद के अलावा वैवाहिक संबंध और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े मामले भी सामने आए।

दूसरी पत्नी के साथ रहने का मामला भी पहुंचा आयोग

सुनवाई में एक महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति करीब डेढ़ साल से दूसरी महिला के साथ रह रहा है। महिला के मुताबिक, पति ने इस अवधि में उससे और उसकी बेटी से संपर्क नहीं किया और भरण-पोषण भी नहीं दिया। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद महिला को न्यायालय के माध्यम से उचित कानूनी राहत लेने की सलाह दी।

वहीं, एक अन्य मामले में महिला ने पति पर विवाह समाप्त करने और घर वापस नहीं आने के लिए मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। सुनवाई में पति मौजूद नहीं था। आयोग ने रायगढ़ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले का निराकरण कराने को कहा है।

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By Chhattisgarh Kranti

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