देवगुरु बृहस्पति (Guru) को ज्योतिष शास्त्र में भाग्य, ज्ञान, संतान, धर्म और सबसे बढ़कर वैभव व समृद्धि (Wealth and Prosperity) का कारक माना गया है। जब कुंडली में गुरु देव प्रसन्न और बलवान होते हैं, तो व्यक्ति को जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती और ‘अकूत दौलत’ के योग बनते हैं। यदि आप अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं और गुरु ग्रह की असीम कृपा पाना चाहते हैं, तो शास्त्रों में बताए गए ये कुछ खासमखास और अचूक उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं: देवगुरु बृहस्पति के तांत्रिक व वैदिक मंत्र वाणी और विचारों में गुरु का वास होता है। प्रतिदिन या विशेषकर गुरुवार के दिन उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके कुशा के आसन पर बैठें और इस मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करें:ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।(या सरल मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः)यह मंत्र कुंडली में सोए हुए भाग्य को जगाता है और धन के नए मार्ग खोलता है। गुरुवार के विशेष उपाय (धन लक्ष्मी और गुरु कृपा के लिए) केसर या हल्दी का तिलक: प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद अपने माथे, नाभि और जीभ पर केसर या शुद्ध हल्दी का तिलक लगाएं। इससे गुरु का प्रभाव मजबूत होता है और समाज में मान-सम्मान व धन की वृद्धि होती है।केले के वृक्ष का पूजन: गुरुवार के दिन सुबह तांबे के लोटे में जल, थोड़ी हल्दी, चने की दाल और गुड़ मिलाकर केले के पेड़ की जड़ में अर्पित करें। वहां शुद्ध घी का दीपक जलाएं। ध्यान रखें, इस दिन केले का सेवन भूलकर भी न करें। पीली वस्तुओं का दान: समर्थनानुसार गुरुवार को किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले वस्त्र, चने की दाल, केला, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी का दान करें। तिजोरी और धन स्थान के उपाय हल्दी की गांठ की पोटली: गुरुवार के दिन विष्णु-लक्ष्मी मंदिर जाएं। भगवान के चरणों से छुआकर हल्दी की 5 साबुत गांठें, थोड़ा सा सिंदूर और एक चांदी का सिक्का (यदि संभव हो) पीले कपड़े में बांध लें। इसे अपने घर की तिजोरी या लॉकर में रखें। यह उपाय धन को आकर्षित करता है। उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को साफ रखें: घर का उत्तर-पूर्व कोना देवगुरु और कुबेर का स्थान माना जाता है। यहाँ कभी भी भारी कबाड़, जूते-चप्पल या गंदगी न रखें। यहाँ नियमित रूप से गंगाजल छिड़कें और शाम को एक दीपक जलाएं। ‘पुखराज’ या ‘सुनहला’ रत्न (ज्योतिषीय सलाह पर) यदि कुंडली में गुरु शुभ भावों (जैसे लग्न, पंचम, नवम या एकादश) का स्वामी होकर कमजोर स्थिति में है, तो किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाकर पुखराज (Yellow Sapphire) या उसका उपरत्न सुनहला (Citrine) धारण करें। यह रत्न आर्थिक उन्नति के बंद रास्ते तुरंत खोलता है। व्यावहारिक और सबसे बड़ा उपाय: बड़ों का सम्मान ज्योतिष में गुरु, पिता, दादा, शिक्षक और साधु-संत साक्षात बृहस्पति के रूप हैं। यदि आप प्रतिदिन घर से निकलने से पहले अपने माता-पिता और बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं, तो दुनिया का कोई भी बुरे से बुरा ग्रह आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता। गुरु की कृपा पाने का यह सबसे सरल और अचूक शॉर्टकट है। क्या न करें (सावधानी): गुरुवार के दिन घर में पोछा न लगाएं, कपड़े न धोएं और बाल या नाखून काटने से बचें। ऐसा करने से संचित धन (Savings) का नुकसान होता है।किसी भी बुजुर्ग, शिक्षक या ज्ञानी व्यक्ति का उपहास न उड़ाएं। इन उपायों को पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनी दिनचर्या में शामिल करें, देवगुरु बृहस्पति के आशीर्वाद से जीवन में सुख, समृद्धि और अटूट लक्ष्मी का वास अवश्य होगा। आचार्य पं गिरीश पाण्डेयमंदिर चौक पिथौरा महासमुंद 7000217167 Post Views: 10 Please Share With Your Friends Also Post navigation किस्मत बदल देगी आज पूर्णिमा की रात! मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 3 गुप्त उपाय – आचार्य पं. गिरीश पाण्डेय