रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सेंट्रल जीएसटी विभाग की कार्रवाई से कारोबारी हलकों में हलचल मच गई है। मंगलवार को विभाग की टीम ने जोरापाली क्षेत्र स्थित एक प्लांट में दबिश देकर बिलिंग, भुगतान और टैक्स से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई को बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक टैक्स चोरी की पुष्टि नहीं की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित फर्म की कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन पर विभाग की नजर थी। खास तौर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े कुछ लेनदेन संदेह के दायरे में बताए जा रहे हैं। इसी आधार पर सेंट्रल जीएसटी की टीम प्लांट पहुंची और कई घंटे तक अलग-अलग रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल की। बिलिंग सिस्टम और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने प्लांट के बिलिंग सिस्टम, भुगतान से संबंधित दस्तावेजों और अन्य कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से भी आवश्यक जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने कारोबारी लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया और टैक्स से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। जीएसटी विभाग मौजूदा समय में डिजिटल बिलिंग और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कारोबारी गतिविधियों की भी निगरानी करता है। ऐसे में टैक्स चोरी, फर्जी बिलिंग या इनपुट टैक्स क्रेडिट में अनियमितता की आशंका होने पर विभाग संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर सकता है। ITC लेनदेन भी जांच के दायरे में बताया जा रहा है कि जांच में इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े कुछ लेनदेन भी अधिकारियों के फोकस में हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जांच के दौरान विभाग को किसी तरह की अनियमितता मिली है या नहीं। विभाग की कार्रवाई के दौरान प्लांट में मौजूद कर्मचारियों और संबंधित दस्तावेजों से जानकारी जुटाई गई। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला सिर्फ रिकॉर्ड की जांच तक सीमित है या इसमें टैक्स चोरी अथवा अन्य जीएसटी अनियमितताओं की पुष्टि होती है। जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति प्लांट में कई घंटे चली कार्रवाई के बाद विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच के दौरान किसी दस्तावेज या अन्य रिकॉर्ड को जब्त किया गया है या नहीं। फिलहाल सेंट्रल जीएसटी विभाग की जांच जारी है। विभागीय पड़ताल पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। यदि जांच में टैक्स चोरी या फर्जी आईटीसी से संबंधित अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। Post Views: 7 Please Share With Your Friends Also Post navigation अंबिकापुर फर्नीचर घोटाला: ACB की बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार