बलरामपुर। UP में तेज आंधी और बारिश के कारण कई लोगों की जान जाने की दुखद खबर सामने आई है। खराब मौसम और तूफान के कारण पेड़ गिरने, दीवारों के ढहने और बिजली गिरने से मां-बेटे समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। भारी बारिश के चलते जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात है, कहीं नदी नालें उफान पर है तो कहीं सड़कें ही पानी में डूब गई है, जिससे आवागमन बाधित है। अगर बात की जाए बारिश से मौतों की तो बलरामपुर जिले में पिछले तीन दिनों में बारिश और तेज आंधी ने भारी नुकसान किया है और पिछले 24 घंटे के भीतर मां-बेटे सहित नौ लोगों की मौत हो चुकी है। सभी कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त अधिकारियों ने बताया कि जिले में हजारों की संख्या में पेड़ टूट कर गिर गए हैं और धान और गन्ने की फसल बुरी तरीके से प्रभावित हुई है। जिले के अलग-अलग इलाकों में 500 से अधिक बिजली के खंभे टूट कर गिर गए जिसके कारण पिछले 48 घंटे से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। जिला प्रशासन ने आपदा को देखते हुए सभी कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त कर दी है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी जिलाधिकारी विपिन जैन ने रविवार को बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों में जिला प्रशासन लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि फसलों के नुकसान के आकलन के लिए राजस्व टीम गठित की गई है। जैने ने कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिया गया है। 48 से 72 घंटे के दौरान हुई भारी बारिश जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में विगत 48 से 72 घंटे के दौरान हुई आत्याधिक बारिश के दृष्टिगत राहत कार्यों की समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि किसान फसल बीमा के अंतर्गत अपनी फसल के नुकसान की सूचना हेल्पलाइन नंबर 14447 पर भी दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि राप्ती नदी के जलस्तर एवं जल प्रवाह की निरंतर निगरानी की जा रही है। Post Views: 3 Please Share With Your Friends Also Post navigation केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: दिवाली पर 4% DA बढ़ोतरी की तैयारी, 64% हो जाएगा महंगाई भत्ता