रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के प्रमुख आरोपी मनीष पाल सिंह छाबड़ा उर्फ ऋषि सिंह को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर से गिरफ्तार कर रायपुर लाया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने फूलों और पूजा किट के व्यापार में 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। यह मामला 2023 में थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 375/2023 के तहत पंजीबद्ध किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद्र सिंह ने इस गिरफ्तारी के बाद एक सख्त संदेश दिया और कहा, “छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती रहेगी, चाहे वह कहीं भी छुपे हों। कोई भी व्यक्ति अगर इस समाज के साथ धोखाधड़ी करता है, तो उसे कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा। अपराधियों को हम हर हाल में पकड़ेंगे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएंगे।” यह मामला गंभीर था, और इसमें मनीष पाल सिंह छाबड़ा के साथ अन्य आरोपी सुनीता कौर, अंशुल दवे आदि के खिलाफ सख्त आरोप लगाए गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में, और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री लखन पटेल के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने इस अपराधी को पकड़ने के लिए पश्चिम बंगाल भेजा था। हमारा संदेश स्पष्ट है: अपराधियों को छूट नहीं मिलने वाली। यदि किसी ने इस राज्य में अपराध किया है, तो छुपने का कोई मौका नहीं मिलेगा। हमारी पुलिस पूरी निष्ठा और सख्ती से उनकी गिरफ्तारी करेगी और उन्हें कानून के शिकंजे में बांधने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।” डॉ. लाल उमेंद्र सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि रायपुर पुलिस अपराधियों के खिलाफ और अधिक कठोर कदम उठाएगी।टीम द्वारा मनीष पाल सिंह छाबड़ा की गिरफ्तारी से यह साबित हो गया कि रायपुर पुलिस किसी भी प्रकार के अपराधी को नहीं बख्शेगी। तेलीबांधा थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने कहा, “यह गिरफ्तारी सिर्फ एक शुरुआत है। अब हर अपराधी को यह समझना होगा कि छत्तीसगढ़ पुलिस उनके खिलाफ बिना किसी डर और दबाव के कड़ी कार्रवाई करेगी।” रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ का माहौल है, और नागरिकों के बीच कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और बढ़ा है। Post Views: 166 Please Share With Your Friends Also Post navigation VHP का बड़ा आरोप- गौशाला में भूख से हुई 19 गायों की मौत,नदी के किनारे मिला मृत गायों का ढेर छत्तीसगढ़ : पूर्व CM भूपेश बघेल के घर ED की रेड, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में छापेमारी..