नई दिल्ली: रेल मंत्रालय ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के दायरे में आने वाले रेलवे कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प चुनने की सुविधा मिलेगी। मंत्रालय ने इस नई पेंशन स्कीम से जुड़े पात्रता, योगदान, पेंशन गणना, फैमिली पेंशन और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के नियमों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। रेलवे द्वारा जारी किए गए नए नियमों की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: ➡️ न्यूनतम और पूर्ण पेंशन के नियम 10 साल की सेवा पर न्यूनतम पेंशन: रेलवे में कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को हर महीने न्यूनतम 10,000 रुपये पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। 25 साल की सेवा पर पूर्ण पेंशन: जो कर्मचारी 25 साल की सेवा अवधि को पूरा करेंगे, वे नियमानुसार पूरी पेंशन पाने के हकदार होंगे। ➡️ योगदान का नया ढांचा (Contribution) कर्मचारी का हिस्सा: हर महीने कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी (मूल वेतन) और डीए (DA) का 10 प्रतिशत अपने UPS खाते में जमा करेगा। रेलवे (सरकार) का हिस्सा: रेलवे प्रशासन भी कर्मचारी के बेसिक पे और डीए के बराबर 10 प्रतिशत का योगदान देगा। विशेष परिस्थिति में निरंतरता: प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) या केंद्र व राज्य सरकार में डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ति) के दौरान भी यह योगदान लगातार जारी रहेगा। ➡️ फैमिली पेंशन का प्रावधान कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उनके कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी (पति/पत्नी) को फैमिली पेंशन दी जाएगी। यह फैमिली पेंशन, कर्मचारी को मिलने वाली सुनिश्चित पेंशन का 60 प्रतिशत होगी। ➡️ स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के नियम रेलवे कर्मचारी 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, नियम के मुताबिक VRS लेने के तुरंत बाद पेंशन शुरू नहीं होगी, इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। रेल मंत्रालय के इस कदम से लाखों रेलवे कर्मचारियों को बुढ़ापे में एक सुरक्षित और सुनिश्चित वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है। Post Views: 3 Please Share With Your Friends Also Post navigation सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान: ‘धार्मिक कारणों से वंदे मातरम् न गाने पर नहीं होनी चाहिए आपराधिक कार्रवाई’, केंद्र से मांगा जवाब…