जशपुरनगर। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए संचालित सरकारी योजना का गलत लाभ लेने के आरोप में जशपुर जिले के एक सरकारी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शिक्षक पर आरोप है कि उसने अपनी बेटी का निजी स्कूल में निःशुल्क प्रवेश दिलाने के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र और शपथ पत्र प्रस्तुत कर शासन की योजना का अनुचित लाभ प्राप्त किया। मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी विनय पांडे के अनुसार, इस संबंध में ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जामझोर में पदस्थ शासकीय शिक्षक चमर साय पैंकरा ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में अपनी पुत्री का कक्षा छठवीं में प्रवेश कराने के लिए गलत जानकारी के आधार पर दस्तावेज तैयार करवाए थे। जवाहर उत्कर्ष योजना का लिया लाभ जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए संचालित जवाहर उत्कर्ष योजना के तहत लाभ लेने के उद्देश्य से स्वयं को किसान बताया था। इसके साथ ही उसने अपनी वार्षिक आय केवल 75 हजार रुपये दर्शाते हुए शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसकी बेटी को योजना के तहत निःशुल्क प्रवेश मिल गया। बाद में मामले की शिकायत होने पर पुलिस और संबंधित विभाग ने जांच शुरू की। जांच में खुली पोल पुलिस जांच के दौरान शिक्षक के वेतन अभिलेख, आय संबंधी दस्तावेज और अन्य स्रोतों की पड़ताल की गई। दस्तावेजों के सत्यापन में यह तथ्य सामने आया कि चमर साय पैंकरा की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6.79 लाख रुपये है, जो शपथ पत्र में दर्शाई गई आय से कई गुना अधिक है। जांच अधिकारियों के अनुसार, गलत जानकारी देकर सरकारी योजना का लाभ लेने का प्रयास किया गया, जिससे वास्तविक पात्र विद्यार्थियों के अवसर प्रभावित हो सकते थे। पुलिस ने किया गिरफ्तार पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शासन की योजनाओं में फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। Post Views: 34 Please Share With Your Friends Also Post navigation “देखना चाहती थी पुलिस कितनी जल्दी आती है…” थाने में टावर पर चढ़ी युवती को पुलिस समझाती रही, वो मोबाइल देखती रही, फिर लगा ली फांसी