वन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक वन संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को लेकर जिले सहनपुर ग्राम में आज एक महत्वपूर्ण जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अंबिकापुर (सरगुजा)। भारतीय संसद द्वारा वर्ष 2006 में लागू किए गए ‘अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम’ के तहत वन पर निर्भर समुदायों को उनके अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले में अब तक 262 ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन की मान्यता मिल चुकी है।

हालांकि, पिछले 5-6 वर्षों में इन ग्राम सभाओं द्वारा वन संरक्षण और प्रबंधन की गति धीमी रही है। इसे ध्यान में रखते हुए चौपाल ग्रामीण विकास प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (सरगुजा) और पर्यावरण मित्र (अहमदाबाद) के संयुक्त तत्वावधान में 10 अप्रैल 2026 को ग्राम सहनपुर, ब्लॉक लुण्ड्रा में ‘सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन पर जन संवाद’ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम सभाओं के प्रतिनिधि अपने अनुभव, उपलब्धियां और चुनौतियां को साझा किया। साथ ही महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से आए विशेषज्ञ केशव गुरनुले और रायपुर के सामाजिक कार्यकर्ता विजेंद्र अजनबी भी अपने अनुभवों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया कि कैसे सामुदायिक वन का उपयोग कर आय अर्जित करना हैं और इसे संरक्षित कर पौधारोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी हों ऐसा पहल करना है।

इस दौरान सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों के संगठन निर्माण, पदाधिकारियों का चयन और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में जंगलों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

इस जन संवाद में लगभग 1000 लोग शामिल हुए, जिनमें ग्राम सभा सदस्य, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

Please Share With Your Friends Also

By Chhattisgarh Kranti

हमारी कोशिश इस वेबसाइट के माध्यम से आप तक राजनीति, खेल, मनोरंजन, जॉब, व्यापार देश विदेश इत्यादि की ताजा और नियमित खबरें आप तक पहुंच सकें। नियमित खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। जय जोहार ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!