अब महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी लेनी होंगी गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम और नसबंदी के अलावा ये ऑप्शन भी शामिल

नई दिल्ली :- वर्षों से परिवार नियोजन के लिए कई उपाय किए गए हैं, लेकिन गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल ज्यादातर महिलाओं पर ही निर्भर रहा है. फैमिली प्लानिंग, जिसे अब परिवार कल्याण भी कहा जाता है, का उद्देश्य बच्चों की संख्या कंट्रोल करना और दो बच्चों के बीच अंतराल बनाए रखना है. ऐतिहासिक रूप से, फैमिली प्लानिंग की जिम्मेदारी ज्यादातर महिलाओं के कंधों पर रही है. महिलाओं को बर्थ कंट्रोल पिल्स, IUD या नसबंदी जैसे तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ा है. वहीं, अब तक पुरुषों के लिए सिर्फ दो ही विकल्प थे – कंडोम का इस्तेमाल और नसबंदी, लेकिन अब गर्भनिरोधक का तीसरा विकल्प भी जल्द ही आने वाला है.

वैज्ञानिक पुरुषों के लिए भी गर्भनिरोधक गोलियां बना रहे हैं. खबर है कि ऐसी गोलियां इंसानों पर अपने पहले परीक्षण में सफल रही हैं. यह वैज्ञानिकों द्वारा उठाया गया एक इंपॉर्टेंट और पहला ऐसा स्टेप है जिससे यह जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं पर ही नहीं, बल्कि पुरुषों की भी इसमें बराबर की साझेदारी होगी.

यह गर्भनिरोधक गोली क्या है?

मिनेसोटा विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में किए गए शोध ने पहली पुरुष गर्भनिरोधक गोली की खोज की है जो बिना हार्मोन के काम करती है. पुरुषों के लिए YCT-529 नामक एक नई गर्भनिरोधक गोली विकसित की गई है, और इसका पहला मानव सुरक्षा परीक्षण सफल रहा है. यह गोली बिना हार्मोन के काम करती है और कुछ समय के लिए शुक्राणु उत्पादन की प्रक्रिया को रोक देती है. (यह यह शोध कम्युनिकेशंस मेडिसिन की वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ है)

यह गोली पुरुष शरीर में स्पर्म प्रोडक्शन करने वाले एक महत्वपूर्ण प्रोटीन, रेटिनोइक एसिड रिसेप्टर अल्फा, पर काम करती है. आमतौर पर, विटामिन ए इस प्रोटीन को एक्टिव करता है और स्पर्म प्रोडक्शन होता है. लेकिन यह गोली विटामिन ए को अपना काम नहीं करने देती, जिससे स्पर्म प्रोडक्शन रुक जाता है और पुरुष कुछ समय के लिए बांझ हो जाता है.

यह गोली वर्तमान में कई देशों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है और पॉपुलेशन कंट्रोल में लाभकारी हो सकती है, क्योंकि अब तक, पुरुषों के लिए कंडोम और नसबंदी ही दो विकल्प उपलब्ध थे. लेकिन अब इसमें गर्भनिरोधक गोली भी शामिल है.

परीक्षण के दौरान क्या पता चला

जानवरों पर परीक्षण
इस गोली ने नर चूहों में बांझपन पैदा किया और केवल चार सप्ताह के उपयोग के बाद गर्भधारण को रोकने में 99 फिसदी सफल रही.

बंदरों में, गोली बंद करने के 2 सप्ताह के भीतर शुक्राणुओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी देखी गई और 10-15 सप्ताह के भीतर प्रजनन क्षमता पूरी तरह से वापस आ गई.

मानव परीक्षण

शुरूआती ट्रायल में 16 पुरुष शामिल थे. इन पुरुषों की पहले ही नसबंदी हो चुकी थी, ताकि गोली का प्रजनन क्षमता पर लॉन्ग टर्म के लिए प्रभाव न पड़े.

इस ट्रायल में, कुछ को प्लेसीबो दिया गया, कुछ को 90 मिलीग्राम की खुराक दी गई, और कुछ को 180 मिलीग्राम की खुराक दी गई.

यह देखने के लिए कि शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ा, कुछ ने खाली पेट गोली ली और कुछ ने भोजन के बाद.

180 मिलीग्राम की खुराक के साथ सबसे अच्छे रिजल्ट देखे गए.

गोली शुरू करने के दो सप्ताह के भीतर पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम होने लगी.

दवा बंद करने के बाद, चूहों और मनुष्यों जैसे अन्य जानवरों, दोनों में पूर्ण प्रजनन क्षमता वापस आ गई. चूहों के शुक्राणुओं की संख्या 6 सप्ताह के भीतर वापस आ गई, जबकि अन्य जानवरों में 10 से 15 हफ्तों का समय लगा.

किसी भी परीक्षण समूह में कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं देखा गया.

YCT-529 गोली की विशेषताएं

हार्मोन के बिना काम करती है

इससे मूड स्विंग, वजन बढ़ना और यौन इच्छा में कमी जैसे दुष्प्रभाव नहीं होते.

रिवर्सिबल प्रोसेस

गोली बंद करने के 4 से 6 सप्ताह के भीतर स्पर्म प्रोडक्शन फिर से शुरू हो जाता है और Fertility वापस आ जाती है.

दैनिक खुराक

शुरुआत में अनुमान है कि इस गोली को रोजाना लेना होगा, लेकिन आगे के ट्रायल से और स्पष्टता मिलेगी.

अगले फेज

अब 28 और 90 दिनों के लिए नए परीक्षण चल रहे हैं, जिसमें यह देखा जाएगा कि गोली शुक्राणुओं पर कितना असर करती है

अगले ट्रायल में भाग लेने वाले पुरुषों की संख्या बढ़ाई जाएगी.

भविष्य में, गर्भावस्था पर वास्तविक प्रभाव देखने के लिए दम्पतियों का भी परीक्षण किया जाएगा.

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By Chhattisgarh Kranti

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