रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से अब लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग (IMD Raipur) के अनुसार, 19 सितंबर से प्रदेश के मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए मौसमी सिस्टम के कारण राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है। उत्तर अंडमान सागर में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर थाईलैंड के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर में प्रवेश कर चुका है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक अंडमान सागर में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की उम्मीद है। अगले 3-4 दिनों में यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ेगा। इस मजबूत मौसमी प्रणाली के चलते छत्तीसगढ़ में भारी मात्रा में नमी आएगी, जिससे 19 से 23 सितंबर के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। बिलासपुर में सबसे ज्यादा गर्मी, पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिले पूरी तरह सूखे रहे, जिससे वातावरण में उमस काफी बढ़ गई है। दिन का अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। सर्वाधिक तापमान: बिलासपुर में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान: पेंड्रा रोड में सबसे कम 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के आंकड़े: बलरामपुर में सबसे ज्यादा, बेमेतरा में सूखा चालू मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ में अब तक हुई कुल बारिश सामान्य से 5 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। बलरामपुर जिला: यहां अब तक सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। बेमेतरा जिला: इस जिले में अब तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे यहां के किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे 19 सितंबर से शुरू हो रहे बारिश के इस नए दौर के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) से सतर्क रहें। Post Views: 3 Please Share With Your Friends Also Post navigation दिल्ली में 16 साल की लड़की से गैंगरेप! चाकू गोदकर हत्या; 3 नाबालिग सहित चार आरोपी…