बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कांग्रेस पार्टी की एक सूची जारी होने के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी की घोषणा होते ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी ने अनजाने में एक ऐसे व्यक्ति को संगठन का नया सचिव नियुक्त कर दिया है, जिनका करीब 8 से 10 साल पहले ही निधन हो चुका है। सूची जारी होते ही शुरू हुआ विवादमिली जानकारी के मुताबिक, असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ की नई पदाधिकारियों की सूची जैसे ही सार्वजनिक हुई, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के होश उड़ गए। इस सूची में जवाहर निर्मलकर नाम के नेता को जिला सचिव के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि जमीनी हकीकत और स्थानीय लोगों के अनुसार, जवाहर निर्मलकर का देहांत लगभग एक दशक (8-10 वर्ष) पहले ही हो चुका है। नेताओं और कार्यकर्ताओं में कानाफूसी शुरूमृत व्यक्ति को पदाधिकारी बनाए जाने की यह खबर बालोद सहित पूरे प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया से लेकर चौक-चौराहों तक इस बात को लेकर कानाफूसी और संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। कार्यकर्ता हैरान हैं कि बिना किसी जमीनी वेरिफिकेशन और अप-टू-डेट जानकारी के इतनी बड़ी जिम्मेदारी वाली सूची कैसे फाइनल कर दी गई। विपक्ष को मिला बैठे-बिठाए मुद्दाइस भारी चूक के बाद जहां कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है, वहीं विपक्ष को भी बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है। लोग इसे संगठन की लापरवाही और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का बड़ा उदाहरण बता रहे हैं। फिलहाल इस गंभीर लापरवाही पर जिला कांग्रेस कमेटी या वरिष्ठ नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या संशोधन सूची सामने नहीं आई है, लेकिन इस ‘ब्लंडर’ ने पार्टी की भारी फजीहत करा दी है। Post Views: 5 Please Share With Your Friends Also Post navigation 1 अक्टूबर से बदलेगा टेंडर सिस्टम, ठेकेदारों को करना होगा ये काम साय सरकार ने शुरू की वर्ष 2027-28 के बजट की तैयारी, वित्त विभाग ने सभी विभागों से मांगे प्रस्ताव