नई दिल्ली : भारतीय नौसेना की सामरिक ताकत को नया आयाम मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने 44,000 करोड़ रुपये की लागत से 12 स्वदेशी माइन काउंटर मेजर वेसल्स (MCMVs) के निर्माण को हरी झंडी देने की दिशा में कदम उठाए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) जल्द ही इस परियोजना को मंजूरी दे सकती है। समुद्री सुरक्षा का मजबूत कवच माइन काउंटर मेजर वेसल्स (MCMV) विशेष युद्धपोत हैं, जो समुद्र में छिपी दुश्मन की बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करते हैं। ये जहाज करीब 60 मीटर लंबे और 1,000 टन वजनी होंगे। इनमें उन्नत सोनार सिस्टम, रोबोटिक हथियार और गैर-चुंबकीय सामग्री का उपयोग होगा, जो माइन्स को सक्रिय किए बिना उन्हें नष्ट करने में सक्षम होंगे। भारत के पास एक भी सक्रिय माइनस्वीपर नहीं वर्तमान में भारतीय नौसेना के पास कोई सक्रिय माइनस्वीपर नहीं है, क्योंकि पुराने जहाजों को पहले ही सेवामुक्त किया जा चुका है। ऐसे में, जब चीन और पाकिस्तान अपनी नौसैनिक शक्ति बढ़ा रहे हैं, यह परियोजना भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। 2005 की योजना अब पुनर्जनन यह परियोजना 2005 में शुरू हुई थी, लेकिन 2017-18 में तकनीकी और लागत विवादों के कारण रुक गई थी। अब इसे फिर से शुरू किया जा रहा है, हालांकि पहले MCMV की डिलीवरी में 7-8 साल लग सकते हैं। भारत की नौसैनिक ताकत हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी रणनीतिक क्षमता दिखाई। वर्तमान में 60 युद्धपोत निर्माणाधीन हैं और 31 नई परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम MCMV परियोजना भारत की सामरिक आत्मनिर्भरता और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये छोटे जहाज भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा में बड़ा योगदान देंगे। Post Views: 176 Please Share With Your Friends Also Post navigation 1 जुलाई से बूंद-बूंद के लिए तरसेंगे ये लोग, नहीं मिलेगा ईंधन, राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानिए क्या है कारण Petrol Diesel Price : 89 रुपए हुआ डीजल का रेट, पेट्रोल की कीमतों में भी राहत, टैंक फुल करवाने से पहले चेक कर लें आज का रेट