नई दिल्ली। बढ़ते प्रदूषण और केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स के बढ़ते चलन के बीच हेयर फॉल एक गंभीर समस्या बन चुका है। दिल्ली-NCR सहित देश के कई महानगरों में खराब जीवनशैली के कारण युवाओं में भी बाल पतले होने की शिकायत बढ़ रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार में मिलने वाले महंगे कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के बजाय प्राकृतिक उपचार, विशेष रूप से सल्फर से भरपूर प्याज का तेल, बालों को जड़ों से मजबूत बनाने और उन्हें दोबारा उगाने में सबसे अधिक प्रभावी साबित होता है। घर पर प्याज का तेल बनाने की विधि प्याज का तेल बनाने के लिए आपको बहुत कम सामग्रियों की आवश्यकता होती है जो आमतौर पर हर भारतीय रसोई में मौजूद रहती हैं। इसके लिए 2-3 बड़े लाल प्याज, 100 मिलीलीटर नारियल या तिल का तेल और मुट्ठी भर कढ़ी पत्ते लें। सबसे पहले प्याज को काटकर उसका बारीक पेस्ट बना लें या रस निकाल लें। एक भारी तले वाली कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें प्याज का पेस्ट डालें। इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि तेल अलग न हो जाए और प्याज का रंग गहरा भूरा न हो जाए। ठंडा होने के बाद इसे सूती कपड़े से छानकर एक कांच की बोतल में सुरक्षित रख लें। ध्यान रखें कि तेल को तेज आंच पर न पकाएं, वरना इसके पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं। एक्सपर्ट की राय और इसके फायदे “प्याज के रस में मौजूद डायट्री सल्फर बालों के टूटने और पतले होने को कम करने के लिए आवश्यक कोलाजन उत्पादन में मदद करता है। यह स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर नए बालों के उगने में सहायक होता है।”— डॉ. अनीता शर्मा, वरिष्ठ त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) इस्तेमाल का सही तरीका और सावधानी बेहतर परिणाम के लिए इस तेल को सप्ताह में दो से तीन बार स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें। इसे कम से कम एक घंटे या रात भर लगा रहने दें और फिर किसी माइल्ड शैम्पू से धो लें। प्याज की तीखी गंध को कम करने के लिए आप इसमें लैवेंडर या रोजमेरी एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं। यदि आपकी स्कैल्प संवेदनशील है या आपको एलर्जी की समस्या है, तो पूरे सिर पर लगाने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर करें। लगातार 4 से 6 हफ्तों के उपयोग के बाद बालों की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है। Post Views: 18 Please Share With Your Friends Also Post navigation शरीर में खाना अच्छे से नहीं पच रहा इसका पता कैसे चलता है?आइए जानें