रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी वित्तीय वर्ष को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य का बहुप्रतीक्षित बजट 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। यह जानकारी राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी है। उन्होंने बताया कि विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा, जबकि बजट अगले दिन सदन में रखा जाएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, इस वर्ष का बजट एक नई थीम पर आधारित होगा। पिछले बजट की “ज्ञान–गति” अवधारणा के बाद सरकार इस बार भी विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के संतुलन को प्राथमिकता दे रही है। चौधरी ने कहा कि बजट तैयार करते समय महिलाओं, युवाओं और किसानों की जरूरतों को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा केवल वित्तीय दस्तावेज पेश करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बजट के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास को गति देना है। “हमारा लक्ष्य है कि बजट जनहितकारी योजनाओं को और मजबूत करे तथा हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचे,” वित्त मंत्री ने कहा। बजट सत्र की रूपरेखाविधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका सदन को संबोधित करेंगे। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की दिशा तय करने वाला माना जाता है। राज्यपाल अपने संबोधन में शासन की प्राथमिकताओं, विकास कार्यक्रमों और प्रशासनिक उपलब्धियों का उल्लेख करेंगे। इसके बाद बजट पर चर्चा, प्रश्नकाल और विभिन्न विधायी कार्यवाही संपन्न होगी। इस बार बजट रहेगा अलगसरकारी सूत्रों के अनुसार, बजट 2026-27 में सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े प्रावधानों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। महिलाओं के लिए स्वरोजगार, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं में विस्तार की संभावना है। युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और स्टार्टअप प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों में नए प्रस्ताव आ सकते हैं। कृषि क्षेत्र में किसानों को राहत और आय बढ़ाने के उपायों पर जोर रहने के संकेत हैं। सिंचाई, आधुनिक तकनीक, फसल समर्थन और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कदम बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। जानिये कैसा रहेगा बजटबताया जा रहा है कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को प्रमुखता दी जाएगी। छोटे और मंझोले शहरों में खेल मैदानों के विकास तथा यातायात सुगमता के लिए रिंग रोड निर्माण जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। Post Views: 25 Please Share With Your Friends Also Post navigation बिलासपुर में हेरोइन का पाकिस्तान कनेक्शन, सीमा पार से ड्रोन के जरिये गिरता है नशे का जखीरा कमिश्नरेट में बड़ी कार्रवाई, लापरवाही पर TI लाइन अटैच