. 🌹 श्री राधे 🌹🕉️ राधारमणम हरे हरे 🕉️आज का पञ्चांग दिनांक:- 14/05/2025, बुधवारद्वितीया, कृष्ण पक्ष,ज्येष्ठ(समाप्ति काल) तिथि———- द्वितीया 26:28:31 तकपक्ष———————— कृष्णनक्षत्र——— अनुराधा 11:46:02योग———— परिघ 06:32:49करण———– तैतुल 13:34:05करण————– गर 26:28:31वार———————- बुधवारमाह———————— ज्येष्ठचन्द्र राशि————— वृश्चिकसूर्य राशि——- मेष 24:11:20सूर्य राशि—————- वृषभरितु———————— ग्रीष्मआयन——————-उत्तरायणसंवत्सर—————– विश्वावसुसंवत्सर (उत्तर)————— सिद्धार्थीविक्रम संवत————— 2082गुजराती संवत————– 2081शक संवत—————– 1947कलि संवत—————– 5126सूर्योदय————– 05:32:13सूर्यास्त————— 18:59:13दिन काल———— 13:26:59रात्री काल———— 10:32:26चंद्रास्त————– 06:12:47चंद्रोदय—————- 20:46:21लग्न—- मेष 29°15′ , 29°15′सूर्य नक्षत्र————— कृत्तिकाचन्द्र नक्षत्र—————- अनुराधानक्षत्र पाया—————— रजत 🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩 ने—- अनुराधा 11:46:02 नो—- ज्येष्ठा 18:22:54 या—- ज्येष्ठा 24:58:38 💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮 ग्रह =राशी, अंश, नक्षत्र, पद============================सूर्य= मेष 29°40, कृतिका 1 अचन्द्र= वृश्चिक 13°30 , अनुराधा 4 लाबुध =मेष 14°52 ‘ अश्वनी 4 लाशु क्र= मीन 17°05, उ o फाo’ 4 ञमंगल=कर्क 17°30 ‘ आश्लेषा’ 1 डीगुरु=वृषभ 29°30 मृगशिरा, 2 वोशनि=मीन 04°88 ‘ उ o भा o , 1 दूराहू=(व) मीन 00°20 पू o भा o, 4 दीकेतु= (व)कन्या 00°20 उ oफा o 2 टो============================ 🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩 राहू काल 12:16 – 13:57 अशुभयम घंटा 07:13 – 08:54 अशुभगुली काल 10:35 – 12:16 अशुभअभिजित 11:49 – 12:43 अशुभदूर मुहूर्त 11:49 – 12:43 अशुभवर्ज्यम 17:56 – 19:42 अशुभप्रदोष 18:59 – 21:07 शुभ 🚩गंड मूल 11:46 – अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिनलाभ 05:32 – 07:13 शुभअमृत 07:13 – 08:54 शुभकाल 08:54 – 10:35 अशुभशुभ 10:35 – 12:16 शुभरोग 12:16 – 13:57 अशुभउद्वेग 13:57 – 15:37 अशुभचर 15:37 – 17:18 शुभलाभ 17:18 – 18:59 शुभ 🚩चोघडिया, रातउद्वेग 18:59 – 20:18 अशुभशुभ 20:18 – 21:37 शुभअमृत 21:37 – 22:56 शुभचर 22:56 – 24:15* शुभरोग 24:15* – 25:34* अशुभकाल 25:34* – 26:54* अशुभलाभ 26:54* – 28:13* शुभउद्वेग 28:13* – 29:32* अशुभ 💮होरा, दिनबुध 05:32 – 06:39चन्द्र 06:39 – 07:47शनि 07:47 – 08:54बृहस्पति 08:54 – 10:01मंगल 10:01 – 11:08सूर्य 11:08 – 12:16शुक्र 12:16 – 13:23बुध 13:23 – 14:30चन्द्र 14:30 – 15:37शनि 15:37 – 16:45बृहस्पति 16:45 – 17:52मंगल 17:52 – 18:59 🚩होरा, रातसूर्य 18:59 – 19:52शुक्र 19:52 – 20:45बुध 20:45 – 21:37चन्द्र 21:37 – 22:30शनि 22:30 – 23:23बृहस्पति 23:23 – 24:15मंगल 24:15 – 25:08सूर्य 25:08 – 26:01शुक्र 26:01 – 26:54बुध 26:54 – 27:46चन्द्र 27:46 – 28:39शनि 28:39 – 29:32 🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩 मेष > 03:56 से 05:28 तकवृषभ > 05:28 से 07:14 तकमिथुन > 07:14 से 09:54 तककर्क > 09:54 से 12:08 तकसिंह > 12:08 से 14:24 तककन्या > 14:24 से 16:40 तकतुला > 16:40 से 18:52 तकवृश्चिक > 18:52 से 21:20 तकधनु > 21:20 से 23:28 तकमकर > 23:28 से 01:06 तककुम्भ > 01:06 से 02:26 तकमीन > 02:26 से 03:48 तक======================= 🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनटजयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनटकोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनटलखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनटकोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।लाभ में व्यापार करें ।रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।अमृत में सभी शुभ कार्य करें । 💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तरपरिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है lइस मंत्र का उच्चारण करें-:शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च lभोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll 🚩 अग्नि वास ज्ञान -:यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।। 15 + 2 + 4 + 1 = 22 ÷ 4 = 2 शेषआकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l 🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩 सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है मंगल ग्रह मुखहुति 💮 शिव वास एवं फल -: 17 + 17 + 5 = 39 ÷ 7 = 5 शेष ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक 🚩भद्रा वास एवं फल -: स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।। 💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮 छटी उत्सव राधावल्लभ जी सर्वार्थ, अमृत सिद्धि योग 1146 तक सूर्य वृष में रात्रि 24:23 से 💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮 यस्मिन रुष्टे भयं नास्ति तुष्टे नैव धनागमः ।निग्रहाऽनुग्रहोनास्ति स रुष्टः किं करिष्यति ।।।। चा o नी o।। जिसके डाटने से सामने वाले के मन में डर नहीं पैदा होता और प्रसन्न होने के बाद जो सामने वाले को कुछ देता नहीं है. वो ना किसी की रक्षा कर सकता है ना किसी को नियंत्रित कर सकता है. ऐसा आदमी भला क्या कर सकता है. 🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩 गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18 काम्यानां कर्मणा न्यासं सन्न्यासं कवयो विदुः ।,सर्वकर्मफलत्यागं प्राहुस्त्यागं विचक्षणाः ॥, श्री भगवान बोले- कितने ही पण्डितजन तो काम्य कर्मों के (स्त्री, पुत्र और धन आदि प्रिय वस्तुओं की प्राप्ति के लिए तथा रोग-संकटादि की निवृत्ति के लिए जो यज्ञ, दान, तप और उपासना आदि कर्म किए जाते हैं, उनका नाम काम्यकर्म है।,) त्याग को संन्यास समझते हैं तथा दूसरे विचारकुशल पुरुष सब कर्मों के फल के त्याग को (ईश्वर की भक्ति, देवताओं का पूजन, माता-पितादि गुरुजनों की सेवा, यज्ञ, दान और तप तथा वर्णाश्रम के अनुसार आजीविका द्वारा गृहस्थ का निर्वाह एवं शरीर संबंधी खान-पान इत्यादि जितने कर्तव्यकर्म हैं, उन सबमें इस लोक और परलोक की सम्पूर्ण कामनाओं के त्याग का नाम सब कर्मों के फल का त्याग है) त्याग कहते हैं॥,2॥, 💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮 देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेषधनार्जन होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। प्रमाद न करें। व्यापार-व्यवसाय में इच्छित लाभ की संभावना है। भाइयों की मदद मिलेगी। संपत्ति के लेनदेन में सावधानी रखें। 🐂वृषसंतान के कार्यों पर नजर रखें। पूंजी निवेश बढ़ेगा। प्रचार-प्रसार से दूर रहें। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा। 👫मिथुनजोखिम व जमानत के कार्य न करें। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें, सफलता मिलेगी। शुभ कार्यों में संलग्न होने से सुयश एवं सम्मान प्राप्त हो सकेगा। व्यापारिक निर्णय लेने में देर नहीं करें। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। धन की आवक बनी रहेगी। 🦀कर्कभौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। फालतू खर्च होगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएंगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम न लें। झंझटों में न पड़ें। आय में कमी होगी। 🐅सिंहप्रतिष्ठा बढ़ेगी। शत्रु शांत रहेंगे। धनार्जन होगा। आज विशेष लाभ होने की संभावना है। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। बुद्धि एवं मनोबल से सुख-संपन्नता बढ़ेगी। व्यापार में कार्य का विस्तार होगा। सगे-संबंधी मिलेंगे। 🙎♀️कन्यामान बढ़ेगा। मेहमानों का आवागमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। जोखिम के कार्यों से दूर रहें। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। अभिष्ट कार्य की सिद्धि के योग हैं। उलझनों से मुक्ति मिलेगी। ⚖️तुलास्वास्थ्य का ध्यान रखें। दु:खद समाचार मिल सकता है। चिंता बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। वास्तविकता को महत्व दें। प्रयासों में सफलता के योग कम हैं। परिवार में कलह-कलेश का माहौल रह सकता है। 🦂वृश्चिकयात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। भेंट आदि की प्राप्ति होगी। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में उन्नति के योग हैं। संतान की ओर से सुखद स्थिति बनेगी। प्रयास की मात्रा के अनुसार लाभ की अधिकता रहेगी। अपनी वस्तुएँ संभालकर रखें। 🏹धनुउदर विकार के योग के कारण खान-पान पर संयम रखें। विवादों से दूर रहना चाहिए। आर्थिक प्रगति में रुकावट आ सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। अप्रत्याशित बड़े खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है, जोखिम न लें। अजनबी व्यक्ति पर विश्वास न करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 🐊मकरधनार्जन होगा। प्रमाद न करें। संतान के कार्यों से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नेतृत्व गुण की प्रधानता के कारण प्रशासन व नेतृत्व संबंधी कार्य सफल होंगे। शत्रुओं से सावधान रहें। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। 🍯कुंभसमय की अनुकूलता का लाभ अधिकाधिक लेना चाहिए। नवीन उपलब्धियों की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। परिवार की समस्याओं की चिंता रहेगी। 🐟मीनरुके कार्य बनेंगे। जोखिम न लें। वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। व्यवहार कुशलता एवं सहनशीलता के बल पर आने वाली बाधाओं का समाधान हो सकेगा। खानपान पर नियंत्रण रखें। नए अनुबंधों का लाभ मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। पूछ-परख रहेगी। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 पं. गिरीश पाण्डेयएस्ट्रो-गुरू, भागवत-व्याससचिव पुरोहित मंचज़िला- महासमुन्द छ.ग.संपर्क सूत्र – 7000217167संकट मोचन मंदिरमण्डी परिसर, पिथौरा कुंडली संबंधी कार्यों के लिए संपर्क करें(कुंडली देखने का शुल्क ५०१/-) Post Views: 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