नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई, ने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इस हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई पर चर्चा के लिए आज संसद की एनेक्सी बिल्डिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, आप के संजय सिंह, टीडीपी के कृष्णा देवरायलु, डीएमके के त्रिची सिवा सहित कई प्रमुख दलों के नेता शामिल हैं।

सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में बड़े और निर्णायक फैसले लिए जा सकते हैं। बैठक की शुरुआत में पहलगाम हमले में शहीद हुए 26 लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेताओं को हमले की गंभीरता, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार, खुफिया जानकारी और कूटनीतिक रणनीतियों पर जानकारी दी। गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में मौजूदा स्थिति और सरकार की त्वरित कार्रवाइयों का ब्योरा दिया। बैठक में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रणनीति और पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने पर जोर दिया जा रहा है।

पाकिस्तान पर भारत की सख्त कार्रवाई-

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ऐलान किया कि 27 अप्रैल, 2025 से पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीजा रद्द कर दिए जाएंगे। मेडिकल वीजा धारकों को भी 29 अप्रैल तक भारत छोड़ना होगा। भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को 30 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। दोनों देशों के उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 करने का भी फैसला लिया गया है। 

पाकिस्तान के साथ 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है, और अटारी-वाघा सीमा पर एकीकृत चेकपोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, इन कदमों पर पुनर्विचार नहीं होगा।

राष्ट्रपति से शाह और जयशंकर की मुलाकात, बड़े फैसले का संकेत-

गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें पहलगाम हमले के बाद की स्थिति और सरकार के कदमों की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, अमित शाह दो लाल फाइलों के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे, जिससे अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार कोई बड़ा सैन्य या कूटनीतिक निर्णय लेने की तैयारी में है। शाह ने इससे पहले पहलगाम में हमले की जगह का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

सेना प्रमुख का जम्मू-कश्मीर दौरा-

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी आज श्रीनगर का दौरा करेंगे। वह बाइसारन घाटी, जहां हमला हुआ, का जायजा लेंगे और स्थानीय सैन्य कमांडरों के साथ आतंकरोधी अभियानों की रणनीति पर चर्चा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सेना ने इलाके में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं और आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम भी पहलगाम पहुंच चुकी है और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जांच में जुटी है।

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By Chhattisgarh Kranti

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