बाराबंकी: नगर कोतवाली क्षेत्र के पैसार स्थित सिद्धार्थनगर मोहल्ले में बीते दिनों पकड़े गए कथित सेक्स रैकेट मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जेल में हुई मेडिकल जांच के दौरान रैकेट की मुख्य सरगना महिला एचआईवी (HIV) संक्रमित पाई गई है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और विभाग अब महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच कराने की तैयारी में जुट गया है। जेल में जांच के दौरान हुआ खुलासाजानकारी के मुताबिक, नगर कोतवाली पुलिस ने पैसार के एक चार मंजिला मकान पर छापा मारकर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था, जिसमें तीन महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव टंडन की पहल पर आईसीटीसी फतेहपुर की टीम ने 24 से 27 अगस्त तक जिला कारागार में एक विशेष शिविर लगाया। इस शिविर में बंदियों की एचआईवी, टीबी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी व सी की जांच की गई। जांच रिपोर्ट में रैकेट की मुख्य सरगना एचआईवी पॉजिटिव पाई गई, जबकि चार अन्य बंदियों में टीबी (TB) के संक्रमण की पुष्टि हुई है। टीबी मरीजों का इलाज निक्षय पोर्टल के जरिए शुरू कर दिया गया है। वहीं, एचआईवी संक्रमित महिला को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लखनऊ के एआरटी (ART) सेंटर से लिंक कर दिया गया है। गोपनीय रखी जाएगी संपर्क में आए लोगों की पहचानमहिला के एचआईवी संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग अब उन सभी संभावित लोगों की सूची और जानकारी जुटा रहा है जो इस रैकेट के दौरान महिला के संपर्क में आए थे। अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच के दायरे में आने वाले सभी लोगों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। संक्रमित महिला की काउंसलिंग भी की जा रही है ताकि अन्य लोगों तक संक्रमण फैलने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपील की है कि एचआईवी संक्रमण की जानकारी सामने आने के बाद घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि समय पर आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेना बेहद जरूरी है। Post Views: 4 Please Share With Your Friends Also Post navigation BRICS Summit Gala Dinner: वैश्विक मंच पर चमका भारतीय स्वाद, ₹50 हजार किलो वाली ‘हिमालयी गुच्छी’ बनी आकर्षण का केंद्र