उदयपुर। ग्राम पंचायत उदयपुर को डूमरडीह और झिरमिटी को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा रामगढ़ महोत्सव में की गई थी जिसके बाद आज दूसरी बार ग्राम पंचायत सभागार में विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित अधिकांश ग्रामीणों ने नगर पंचायत बनाए जाने का विरोध किया। कलेक्टर सरगुजा के आदेश पर बुधवार 09 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे विशेष ग्राम सभा शुरू हुई। ग्राम सभा अध्यक्ष फेंकूराम और नोडल अधिकारी विपिन किशोर चौहान के नेतृत्व में आयोजित सभा में कुल 781 ग्रामीण उपस्थित हुए, जिससे कोरम की पूर्ति हुई। नोडल अधिकारी ने ग्राम सभा का प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। चर्चा के दौरान अधिकांश ग्रामीणों ने नगर पंचायत बनाए जाने के विरोध में अपनी राय रखी। इसके बाद नगर पंचायत नहीं बनाने के संबंध में संकल्प प्रस्ताव पारित किया गया। इससे पहले 01 सितंबर को उदयपुर पंचायत में आयोजित ग्राम सभा कोरम पूर्ति के अभाव में स्थगित की गई थी। 01 सितंबर को ही ग्राम डूमरडीह और 07 सितंबर को ग्राम झिरमिटी में आयोजित ग्राम सभा में भी ग्रामीणों ने नगर पंचायत गठन के विरोध में संकल्प पारित किया था। नगर पंचायत की मांग करने वाले युवा मित्र मंडली की ओर से युवा मित्र मंडली के सदस्य क्रांति कुमार रावत ने नगर पंचायत बनने से होने वाले फायदों, उपलब्ध होने वाली रोजगार, स्वच्छता दीदीयों को मिलने वाली सुविधाओं, बिजली पानी सड़क नाली इत्यादि के बारे में विस्तार से अपनी बात रखी । ग्राम पंचायत के समर्थन में बात करने वाले संदीप राजवाड़े ने बताया कि नगर पंचायत बनने से हमको प्राप्त पेशा कानून का अधिकार समाप्त हो जाएगा, टैक्स का बोझ बढ़ेगा, मकान बनाने, बोर खुदवाने सहित अन्य कामों के लिए अनुमति लेने कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ेगा। ग्राम सभा में सरपंच प्रताप सिंह, उपसरपंच शेखर सिंहदेव, जनपद उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह देव, सचिव खेलो सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्राम सभा अध्यक्ष की सहमति से नगर पंचायत के विरोध में प्रस्ताव पारित करते हुए सभा का समापन किया गया। Post Views: 7 Please Share With Your Friends Also Post navigation उदयपुर वन विभाग में विदाई और स्वागत समारोह का हुआ आयोजन, भावुक हुए SDO बिजेन्द्र सिंह ठाकुर