रायपुर। छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून प्रणाली के बीच श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के दौरान राजधानी रायपुर में बादल छाए रहने और गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सरगुजा और रायपुर संभाग के कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि 4 सितंबर से प्रदेश भर में मानसूनी गतिविधियों में हल्की कमी आने का अनुमान है। अगले 48 घंटों में राज्य के चुनिंदा हिस्सों में वज्रपात (बिजली गिरने) और मध्यम वर्षा को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राजधानी रायपुर में मौसम का मिजाज: तापमान और बारिश का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर शहर और इसके आसपास के इलाकों में 4 सितंबर को आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। दिन में एक से दो बार तेज बौछारें या गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधि देखने को मिल सकती है। शहर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। जयस्तंभ चौक, घड़ी चौक और तेलीबांधा मरीन ड्राइव जैसे व्यस्त इलाकों में रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण सड़कों पर हल्की जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। सिनोप्टिक सिस्टम: क्यों बदल रहा है छत्तीसगढ़ का मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 3 सितंबर तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। निम्न दबाव प्रणाली: संबंधित चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के अगले 24 घंटों में दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तर मध्य प्रदेश से होकर गुज़रने की संभावना है। मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough): मानसून की अक्षीय रेखा श्री गंगानगर, रोहतक, फतेहगढ़, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के केंद्र, डाल्टनगंज और दीघा से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस मौसमी तंत्र के असर से छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश का दौर थोड़ा थमेगा, लेकिन कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक की तीव्रता बनी रहेगी। बीते 24 घंटे का रिपोर्ट कार्ड: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश का असर सबसे ज्यादा देखा गया। पोंडी बचरा में सर्वाधिक 14 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि कुसमी में 8 सेमी और दावरा कोचली में 6 सेमी दर्ज हुई। इसके अलावा राजपुर, बिलासपुर, सूरजपुर और रामचंद्रपुर में 5-5 सेमी वर्षा हुई। नागरिकों और श्रद्धालुओं के लिए क्या है सलाह? जन्माष्टमी पर्व के आयोजनों, दही हांडी उत्सव और मंदिरों में दर्शन के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं को मौसम को ध्यान में रखकर योजना बनाने की सलाह दी जाती है। वज्रपात से बचाव: खुले मैदानों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, विशेषकर जब आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट हो रही हो। आवागमन में सावधानी: रायपुर-बिलासपुर मार्ग और शहर की अंदरूनी सड़कों पर दृश्यता में कमी और जलभराव के कारण वाहन चालकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कुल वर्षा की स्थिति: इस मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से केवल 2 प्रतिशत कम (लगभग संतुलित) वर्षा दर्ज हुई है, जिससे जलाशयों का जलस्तर बेहतर स्थिति में है। Post Views: 4 Please Share With Your Friends Also Post navigation 1 सितंबर से बदलेंगे कई बड़े नियम, LPG सिलेंडर से लेकर कारों की कीमत तक पर पड़ेगा असर; जानें 5 बड़े बदलाव… आबकारी विभाग पर 5 हजार की वसूली का आरोप