नई दिल्ली। मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन बारिश और बढ़ी हुई नमी के साथ कई तरह की मौसमी परेशानियों का खतरा भी बढ़ सकता है। बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, गले में खराश, पाचन संबंधी दिक्कत और संक्रमण जैसी समस्याएं कुछ लोगों को परेशान कर सकती हैं। ऐसे में साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ डाइट में पौष्टिक चीजों को शामिल करना जरूरी है। रोजाना पर्याप्त पानी पीने के अलावा कुछ हर्बल ड्रिंक्स भी डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। इनमें मौजूद पौधों से मिलने वाले कंपाउंड एंटीऑक्सीडेंट और अन्य लाभकारी गुणों के लिए जाने जाते हैं और सामान्य इम्यून फंक्शन को सपोर्ट कर सकते हैं। आइए जानते हैं कौन कौन से ड्रिंक का सेवन इस समय किया जाना चाहिए। अदरक की चायअदरक का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक खानपान में किया जाता रहा है। इसमें जिंजरोल जैसे बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं। बारिश के मौसम में गर्म अदरक की चाय गले को आराम देने वाली महसूस हो सकती है। इसे बनाने के लिए पानी में ताजा अदरक उबालकर हल्की चाय तैयार की जा सकती है। स्वाद के लिए थोड़ा नींबू मिलाया जा सकता है। तुलसी की चायतुलसी भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख औषधीय जड़ी-बूटियों में शामिल है। तुलसी में कई प्लांट कंपाउंड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। मानसून के दौरान तुलसी की हल्की चाय एक गर्म और आरामदायक पेय का विकल्प हो सकती है। हालांकि, इसे किसी संक्रमण या बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं लेना चाहिए। हल्दी वाला दूधहल्दी में करक्यूमिन नामक कंपाउंड पाया जाता है, जिसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों पर शोध हुआ है। रात में गुनगुने दूध में थोड़ी हल्दी मिलाकर पीना कई लोगों की डाइट का हिस्सा होता है। इसे संतुलित मात्रा में लेना बेहतर है और जरूरत से ज्यादा हल्दी का सेवन करने से बचना चाहिए। दालचीनी की हर्बल चायदालचीनी में पॉलीफेनॉल जैसे प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं। इसकी हल्की चाय मानसून में गर्म पेय के तौर पर ली जा सकती है। दालचीनी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है, खासकर लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन से बचना चाहिए। जीरा-अजवाइन का पानीमानसून में बाहर का खाना या खानपान में बदलाव होने से कुछ लोगों को गैस, अपच या पेट फूलने जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे में जीरा और अजवाइन से तैयार हल्का गुनगुना पानी पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, लगातार पाचन संबंधी समस्या होने पर केवल घरेलू पेय पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। सिर्फ हर्बल ड्रिंक्स पर निर्भर न रहेंहर्बल ड्रिंक्स को स्वस्थ डाइट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इम्यून सिस्टम को सामान्य रूप से बेहतर तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, प्रोटीन, फल-सब्जियां, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं। मानसून में साफ पानी पीना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और खुले में रखा या संदिग्ध गुणवत्ता वाला खाना खाने से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। Post Views: 25 Please Share With Your Friends Also Post navigation रात में सीने और गले में तेज जलन की क्या है असली वजह? जानिए ठंडे दूध का भ्रम और इसका वैज्ञानिक इलाज