नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। एक तरफ जहां उत्तर भारत के कुछ राज्य भीषण लू और गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ मॉनसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के चलते कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, 10 जून को देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनी रहने वाली है। दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसमभीषण गर्मी की मार झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए बीती रात राहत भरी रही। राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को लू से राहत मिलना जारी रहेगा। पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मानसूनदक्षिण-पश्चिम मॉनसून उत्तर-पूर्व भारत से आगे की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से अगले 4-5 दिनों में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में ‘बहुत भारी’ वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून की सक्रियता के कारण मूसलाधार बारिश का अनुमान है। कहीं लू तो कहीं बारिश के आसारउत्तर भारत में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी भी लू जैसी स्थिति बनी हुई है, वहीं पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 11 जून से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण इन पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और अधिक बदल सकता है। दक्षिण और मध्य भारत में मूसलाधार बारिशदक्षिण भारत में मॉनसून सबसे अधिक प्रभावी नजर आ रहा है। केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश होने के आसार हैं। महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा क्षेत्र में भी मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश जारी रह सकती है। मछुआरों के लिए अलर्टखराब मौसम और समुद्र में उठने वाली तेज लहरों को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के गहरे हिस्सों में न जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने सभी लोगों से भी अपील की है कि आंधी और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहकर सतर्कता बरतें। Post Views: 19 Please Share With Your Friends Also Post navigation आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध को खराब चरित्र का आधार नहीं माना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट