नासिक। मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित ‘यूजी नीट’ परीक्षा पेपर लीक मामले में सीबीआई ने आरोपी शुभम खैरनार के बाद अहिल्यानगर से दूसरे आरोपी धनंजय लोखंडे को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी शुभम ने ‘करियर काउंसिलिंग’ के नाम पर मेडिकल छात्रों का नेटवर्क तैयार कर पेपर लीक रैकेट में प्रवेश किया था। जानकारी के अनुसार पुणे से कुरियर के माध्यम से नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र शुभम खैरनार तक पहुंचाया गया था। इसके बाद उसने ‘टेलीग्राम’ ऐप के जरिए हरियाणा में इसकी बिक्री की। देशभर के 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य से जुड़ी नीट परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द करनी पड़ी थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 3 मई को परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने के बाद राजस्थान पुलिस की एसओजी टीम ने जांच शुरू की थी। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। शुभम ने धनंजय से 10 लाख में खरीदा था प्रश्नपत्र 13 मई को अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे, जो वर्तमान में पुणे में रह रहा था, को हिरासत में लिया गया। जांच में पता चला है कि पुणे में रहने के दौरान लोखंडे ने कुरियर के जरिए खैरनार को नीट का प्रश्नपत्र भेजा था। प्रश्नपत्र मिलने के बाद खैरनार ने इसे हरियाणा में टेलीग्राम के माध्यम से बेच दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम ने धनंजय लोखंडे से 10 लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदा था और बाद में हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक बिचौलिए को 15 लाख रुपये में बेच दिया। शुभम मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत है। Post Views: 54 Please Share With Your Friends Also Post navigation तमिलनाडु CM पद की शपथ ली विजय ने, समारोह में पहुंचे राहुल गांधी