रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से नाबालिग बच्चों के जरिए गांजा तस्करी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में तस्करों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए फिल्मी स्टाइल अपनाते हुए मासूम बच्चों का इस्तेमाल किया। बच्चों के पेट में पहले टॉवेल लपेटा गया और फिर उसके ऊपर गांजा रखकर टेप से कसकर बांध दिया गया, ताकि किसी को शक न हो सके। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क ओडिशा के खरियार रोड इलाके से संचालित हो रहा था। वहीं के एक घर में बच्चों के शरीर पर गांजा बांधकर उन्हें ट्रेन के जरिए रायपुर भेजा गया। तस्करों ने बच्चों को लालच देने के लिए 1250-1250 रुपए देने का झांसा दिया था। मासूम बच्चों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वे इतने बड़े अपराध का हिस्सा बन रहे हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब रायपुर रेलवे स्टेशन पर कुछ यात्रियों को बच्चों की हरकतों और उनकी असहज स्थिति पर शक हुआ। यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे पुलिस यानी GRP को दी। सूचना मिलते ही GRP की टीम सक्रिय हुई और बच्चों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान जब बच्चों की तलाशी ली गई, तो उनके पेट से गांजा बंधा हुआ मिला, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। बताया जा रहा है कि ये नाबालिग बच्चे जुनागढ़ पैसेंजर ट्रेन से रायपुर पहुंचे थे और यहां से उन्हें भगत की कोठी एक्सप्रेस के जरिए मध्यप्रदेश के रायसेन भेजने की तैयारी थी। इससे साफ होता है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा है। GRP ने बच्चों के पास से कुल गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 55 हजार रुपए बताई जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले के दो मुख्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुट गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। Post Views: 144 Please Share With Your Friends Also Post navigation वेदांता प्लांट हादसे में बढ़ता मौत का आंकड़ा, अब – तक 25 मजदूरों की गई जान… आंगनबाड़ी का समय बदला: मंत्री ने दिया समय में बदलाव का आदेश, जानिये अब कितने बजे से कितने बजे तक होगी संचालित