बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में न्यायपालिका को सीधे चुनौती देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुंडरदेही में पदस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रशांत कुमार देवांगन को एक धमकी भरा पत्र मिला है। जिसमें उनसे 2 से 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। पत्र में मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की चेतावनी दी गई है। घटना के बाद न्यायिक और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार 27 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3:25 बजे न्यायालयीन कार्य के दौरान एक पोस्टमैन मजिस्ट्रेट के कार्यालय में बंद लिफाफा देकर गया। मजिस्ट्रेट ने जब स्वयं लिफाफा खोलकर पत्र पढ़ा, तो उसमें लिखी धमकियों ने सभी को चौंका दिया। इसके तुरंत बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट थाना पहुंचे और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पत्र हस्तलिखित है और नीली स्याही से लिखा गया है। इसमें आरोपी ने खुद को नक्सली संगठन से जुड़ा बताया है और फिरौती की मांग पूरी नहीं होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। पत्र में मजिस्ट्रेट पर रिश्वत लेने, गलत फैसले देने और गरीबों के साथ अन्याय करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। अंत में ‘तुम्हारा मौत नक्सली संगठन कांकेर-बस्तर‘ लिखकर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि उन्हें कोई नहीं बचा सकता। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने अपने और परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लिफाफे पर लिखे पते और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने न्यायपालिका की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। Post Views: 131 Please Share With Your Friends Also Post navigation छात्रावास में बच्चों से दुर्व्यवहार का आरोप, अधीक्षक हिरासत में, कलेक्टर ने दिये जांच के आदेश कुत्ते से सावधान! चार साल के बच्चो को घर से बाहर से खींचकर ले गया, 17 जगह पर काट खाया, हालत गंभीर…