नई दिल्ली। भारतीय महिलाओं में 30 की उम्र के बाद हड्डियों की सेहत में गिरावट एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार, भारत में लगभग 75% से 80% महिलाएं विटामिन-D और कैल्शियम की कमी से जूझ रही हैं। अक्सर घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अपने शरीर से मिलने वाले शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी दर्दनाक स्थिति का कारण बनता है।

साइलेंट किलर है कैल्शियम की कमी: पहचानें ये 5 लक्षण

डॉक्टरों का कहना है कि कैल्शियम सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि नसों और मांसपेशियों के संचालन के लिए भी अनिवार्य है। यदि आपके शरीर में नीचे दिए गए बदलाव दिख रहे हैं, तो यह सचेत होने का समय है:

  • मांसपेशियों में ऐंठन और लगातार दर्द: बिना किसी भारी शारीरिक काम के भी अगर जांघों, बाहों और अंडरआर्म्स में खिंचाव महसूस हो रहा है, तो यह कैल्शियम की कमी का प्राथमिक लक्षण है। चलते समय जोड़ों में कड़-कड़ की आवाज आना भी इसी ओर इशारा करता है।
  • अत्यधिक थकान और ‘ब्रेन फॉग’: कैल्शियम की कमी से सेल्स को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता, जिससे हर समय सुस्ती बनी रहती है। इससे एकाग्रता में कमी (ब्रेन फॉग) और चक्कर आने की समस्या भी बढ़ सकती है।
  • नाखूनों का टूटना और त्वचा का रूखापन: अगर आपके नाखून बिना वजह पतले होकर टूट रहे हैं या त्वचा पर अचानक पैच और खुजली होने लगी है, तो शरीर में खनिजों का संतुलन बिगड़ चुका है।
  • दांतों की कमजोरी: दांतों का इनेमल कैल्शियम से बना होता है। इसकी कमी से मसूड़ों में सूजन, दांतों में सड़न और सेंसिटिविटी की समस्या शुरू हो जाती है।
  • हड्डियों में भुरभुरापन: हल्की चोट लगने पर भी फ्रैक्चर हो जाना या पीठ में लगातार बना रहने वाला दर्द इस बात का संकेत है कि हड्डियां अंदर से खोखली हो रही ह

बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक वयस्क महिला को प्रतिदिन कम से कम 1000mg से 1200mg कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इससे बचने के लिए अपनी जीवनशैली में ये बदलाव तुरंत शामिल करें:

  • डाइट में सुधार: दूध, दही और पनीर के अलावा अपनी थाली में रागी, सोयाबीन, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
  • विटामिन-D का साथ: बिना विटामिन-D के शरीर कैल्शियम को एब्जॉर्ब नहीं कर पाता। सुबह 10 से 15 मिनट की धूप जरूर लें।
  • नियमित व्यायाम: वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज जैसे पैदल चलना या योग हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में मदद करते हैं।
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By Chhattisgarh Kranti

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